भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

भिलाई इस्पात संयंत्र के करीब 150 ठेकेदारों ने जीएसटी की राशि मिलने के बावजूद इसे जमा नहीं कराया। दो साल में करीब 10 करोड़ से ज्यादा जीएसटी जमा नहीं होने की अनुमान है। बीएसपी के ही इंटेलिजेंस विंग की सूचना के बाद प्रबंधन हरकत में आया और इन ठेकेदारों के वेंडर कोड को ब्लाक कर दिया गया है , इतना ही नहीं सभी भुगतान भी रोक दिए गए है।

भिलाई इस्पात संयंत्र में दो सौ से भी अधिक ठेकेदार हैं। इनमें से लगभग 150 ठेकेदार प्रबंधन के निशाने पर आ गए हैं। इन ठेकेदारों के द्वारा भुगतान के बावजूद जीएसटी की राशि जमा नहीं कराई गई है। इसकी जानकारी लगने के बाद से हडकंप की स्थिति है। बताया जा रहा है कि वित्त विभाग द्वारा मॉनिटरिंग न किए जाने से इस तरह की स्थिति बनी है। विभाग की इस लापरवाही के बाद हरकत में आए प्रबंधन ने इन ठेकेदारों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है।

-दो साल पहले शुरू हुआ जीएसटी

उल्लेखनीय है कि जीएसटी जुलाई 2017 से लागू की गई। दो साल से अधिक का समय हो गया, ठेकेदारों ने उक्त अवधि की राशि जमा ही नहीं की। इस दौरान वित्त विभाग के अफसरों ने भी ध्यान नहीं दिया और ठेकेदार जीएसटी की राशि हजम कर गए।

-यह होती है प्रक्रिया

भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ठेकेदारों के बिल के साथ ही जीएसटी राशि का भुगतान कर दिया जाता है। इसके बाद ठेकेदारों को उक्त राशि का भुगतान ऑनलाइन करना होता है। बताते हैं कि कई ठेकेदारों का दो साल का तो कुछ का इससे कम अवधि का बकाया है।

30 से पहले देनी होगी राशि

संयंत्र प्रबंधन ने चिह्नित ठेकेदारों के सारे भुगतान रोक दिए हैं। सूत्रों के अनुसार यह राशि तय समय सीमा के भीतर जमा करनी है। 30 नवंबर तक रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि है। ठेकेदारों को इससे पहले ही जीएसटी की राशि चुकता करनी होगी।

एचएससीएल के ठेकेदारों पर भी नजर

बीएसपी में एचएससीएल के करीब 300 ठेकेदार भी निर्माण सहित मरम्मत कार्यों में हैं। मामला सामने आने के बाद बीएसपी ने इनके बिल और जीएसटी भुगतान की फाईलें टटोलनी शुरू कर दी है। अंदेशा है कि कुछ और ठेकेदार मिल सकते हैं जिन्होंने जीएसटी नहीं दी है।े

Posted By: Nai Dunia News Network