भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिनिधि

सार्वजनिक क्षेत्र का विनिवेशीकरण विषय पर लोकतांत्रिक विचार मंच दुर्ग-भिलाई द्वारा विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि मुनाफा आधारित वैश्विक व्यापार में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम प्रासंगिक नहीं रह गए हैं।

दुर्ग के एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में एटक के महासचिव विनोद सोनी और किसान संगठन के कल्याण सिंह ठाकुर ने विनिवेशीकरण का तीव्र विरोध करते हुए मोदी सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर अपने कार्पोरेट मित्रों को लाभ पहुंचाकर पहले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को जानबुझकर आर्थिक रूप से कमजोर बनाया जा रहा है। फिर बाद में घाटा का हवाला देते हुए विनिवेशीकरण किया जा रहा है, बीएसएनएल को 4-जी स्पेक्ट्रम नहीं देना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। विनिवेशीकरण सहित मोदी सरकार पर गलत काम करने का आरोप लगाते हुए मेहरबान सिंह ने कहा कि इसके बावजूद जनता ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पुनः जीता दिया। राजकुमार गुप्त ने विनिवेशीकरण का बचाव करते हुए कहा कि आजादी के बाद के सालों में बैंक और निजी पूंजी इतनी ताकतवर नहीं थीं कि इस्पात, पावर, सीमेंट जैसे भारी उद्योगों में पूंजी निवेश कर सके अतः विकास की जरूरतों को पूरे करने के लिए बुनियादी उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र में स्थापित करना समय की आवश्यकता थी, आज परिस्थितियां बदल गई है। बैंक और निजी पूंजी मजबूत हो गई है, ग्लोबल इकानामी और मुक्त व्यापार का समय है, पहले रोजगार प्रदान करना मकसद होता था। लेकिन आज मुनाफा अर्जित करना प्रमुख हो गया है, ऐसे में आज सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारी उत्पादन लागत के चलते प्रतिस्पर्धा में निजी क्षेत्र का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं रह गये हैं और इस प्रकार अप्रासंगिक हो गये हैं।

विचार गोष्ठी में कुंजराम साहू, एसएन शर्मा, सुभायु दास, श्रवण केरेकर, राकेश चौकसे, पीएल शास्त्री, टाकेश्वर बघेल, एमआर बघेल, प्रमोद पवार, सूरज, रमेश आदि उपस्थित थे। संचालन नरेश विश्वकर्मा ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network