भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

किसानों, आदिवासियों की मांगों को लेकर मानपुर मोहला से निकाली गई पैदल यात्रा शनिवार को भिलाई पहुंची। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, मजदूर कार्यकर्ता समिति, महिला मुक्ति मोर्चा ने दोपहर 12 बजे अंबेडकर चौक पावर हाउस में यात्रा को समर्थन दिया। पदयात्रा में शामलि लोगों को स्वागत किया। 18 नवंबर को रायपुर के बूढा तलाब के समीप किसान सभा में भी जिले से मजदूर और किसान शामिल होंगे।

श्रमिक नेता कलादास डेहरिया ने बताया कि सैकड़ों छात्र, युवा, महिला पैदल यात्रा में शामिल रहे। लोगों की मांग है कि वन अधिकार कानून से छेड़छाड़ न किया जाए। पांचवीं अनसूचि लागू आदिवासी इलाकों में कारपोरेट घरानों का जबर्दस्ती घुसपैठ पर रोक लगाई जाए। धान खरीदी जल्द हो, आदिवासियों और किसानों के जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए, राज्य सरकार चुनाव में जो वादा किया है उसे शब्दसः पालन करें, जंगल के साथ साथ जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के जमीन कारपोरेट घराने को न सौंपा जाए। छत्तीसगढ़ का जंगल छत्तीसगढ़ियों का धरोहर हैं, पर्यावरण को स्वच्छ रखता है, परन्तु केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार द्वारा जल, जंगल, जमीन का दोहन करने के लिए कारपोरेट घरानों के लिए जनता के ऊपर दमनकारी नीति अपना रहा है। स्वागत करने वालों में लखन साहू, मुकेश साहू, जेपी नायर, नीरा डेहरिया, पुष्पा, रचना, गीत आदि शामिल रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network