भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि

बेमौसम बारिश ने सब्जी की खेती पर ऐसा असर डाला कि किसान अब तक उससे नहीं उबर सके हैं। उम्मीद जताई जा रही थी कि आधा नवंबर बीतने के बाद सब्जियों की कीमतों में कुछ नरमी आ सकती है, लेकिन अभी भी बाड़ी से सब्जियों की आवक ज्यादा नहीं बढ़ सकी है। इसके चलते अभी भी लोगों के किचन का बजट बिगड़ा ही हुआ है। अब महीने के अंत तक सब्जियों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस साल हुई बेमौसम बारिश से प्याज सहित हरी सब्जियों की फसल भी खराब हुई है। हरी सब्जियों की 80 फीसदी आपूर्ति लोकल बाड़ी से ही होती है, लेकिन यहां की बाड़ी से भी अभी सब्जियों की आवक तेज नहीं हो सकी है। वहीं अन्य प्रदेशों से आने वाली सब्जियों की खेप भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही है। इसके चलते बाजार में सब्जियों की कीमत में कमी नहीं आ पा रही है।

आलू में नरमी, लेकिन की कीमत अभी तेज

हरी सब्जियों की कीमत में तो कमी नहीं आ रही है, लेकिन नए आलू की खेप बाजार में पहुंचने से आलू की कीमत में कमी आने लगी है। पुराने आलू के साथ ही नए आलू का भाव भी कम होने लगा है। पुराना आलू 15 से 20 रुपये के बीच बिक रहा है। वहीं नए आलू की कीमत 25 रुपये के भीतर आ गई है। आलू को छोड़कर प्याज की कीमतों में कोई नहीं आई है। प्याज अभी भी 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। इसके अलावा लहसून की कीमत 150 से 200 रुपये प्रति किलो हो गई है।

जमाखोरी होने की भी चर्चा

बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि शहर में प्याज और लहसून की जमाखोरी भी हो रही है। जमाखोर मुनाफा कमाने के लिए इन दोनों चीजों की जमकर जमाखोरी भी कर रहे हैं। प्याज और लहसून की आवक पहले से ही कम है। बाजार में इसकी कमी होने पर कीमत बढ़ रही है। जमाखोर इस बात का फायदा उठाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि जिला प्रशासन ने जमाखोरी रोकने के लिए टीम भी गठित की थी, लेकिन कीमतों में इतनी बढ़ोत्तरी के बाद भी अभी तक टीम सक्रिय नहीं हुई है।

हरी सब्जियों की ये है कीमत

सब्जी थोक रेट चिल्हर रेट

फूल गोभी 30 35

पत्ता गोभी 10 15

लौकी 10 15

शिमला मिर्च 25 30

बरबट्टी हरा 25 30

बरबट्टी लाल 15 20

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अभी पर्याप्त आवक नहीं

लोकल बाड़ी समेत अन्य प्रदेशों से सब्जियों की पर्याप्त खेप नहीं पहुंच रही है। इस कारण से अभी तक सब्जियों की कीमत कम नहीं हुई है। आधा नवंबर बीतने के बाद सब्जियों की आवक बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन अभी राहत नहीं मिलती दिख रही है।

-विजय सिंह, महामंत्री आकाशगंगा सब्जी विक्रेता संघ

Posted By: Nai Dunia News Network