कुम्हारी। नईदुनिया प्रतिनिधि

कुम्हारी रेलवे स्टेशन के ठीक सामने खाली पड़ी जमीन पर अवैध कब्जेदार पसरते जा रहे हैं। अवैध कब्जाधारियों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। भविष्य की योजना के लिए आरक्षित अपनी भूमि से कब्जा हटाने रेलवे भी ध्यान नहीं दे रहा है। कब्जेदार व्यवस्थापन को आस में बैठे हैं।

कुम्हारी रेलवे चौक से स्टेशन तक रेलवे की जमीन है। इसके दोनों ही ओर रेलवे की खाली जमीन है। इस पर ही अवैध कब्जा हो गया है। शहर के सबसे व्यस्ततम चौक कुम्हारी रेलवे स्टेशन चौक माना जाता है, यहां कुछ लोगों ने कब्जा कर दुकान बना ली है वहीं कुछ इसका आवासीय उपयोग कर रहे हैं। सड़क के दोनों ओर अवैध कब्जा कर मकान एवं दुकान बना ली गई है। इसके साथ ही बाजार भी लगाया जा रहा है। लेकिन रेलवे को एक रुपये का राजस्व भी नहीं मिल रहा है। इसकी जानकारी होने पर करीब पांच साल पहले डीआरम ने सभी कब्जेदारों को नोटिस भेजकर सभी कब्जा हटाने कहा था। इसके बाद कब्जेदारों में हड़कंप मच गया था। लोगों ने विधायक से मिलकर बेदखल न करने की गुहार लगाई थी। तत्कालीन विधायक भूपेश बघेल ने लोगों की मांग पर रेलवे अफसरों से चर्चा की। तत्काल कोई प्रोजेक्ट न होने पर रेलवे भी शांत हो गया। लेकिन उसके बाद से लगातार कब्जे बढ़ते चले गये। वर्तमान में वार्ड-11 एवं 12 में 100 मकान बनाया गया है। वहीं वार्ड क्रमाक-18 में भी करीब 75 मकान अवैध रुप से बना लिये गये हैं। इस तरह रेलवे की जमीन पर करीब 175 मकान एवं दुकान ली गई है। इतना ही नहीं कुछ तो बड़े-बड़े प्रतिष्ठान का भी निर्माण कर लिये है।

बकायदे सभी घरों में बिजली कनेक्शन

कुम्हारी में एक ओर जहां रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जाकर मकान एवं दुकान बनाई गई है। वहीं लोगों द्वारा बकायदे बिजली विभाग से कनेक्शन भी लिया गया है। इसकी जानकारी कुम्हारी के जेई राहुल सिंह से ली गई तो उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन देने के दौरान आईडी प्रुफ एवं एड्रेस अनिवार्य होता है, इसके साथ ही नगर पालिका से एनओसी भी लगानी पड़ती है या आईबांड भरवाया जाता है। इसके बाद ही बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन प्रदान किया जाता है।

बोर्ड लगाकर केवल औपचारिकता

कुम्हारी में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा रोकने बकायदा नोटिस बोर्ड लगवाया गया है। उसमें साफ तौर पर लिखा गया है कि यह रेलवे की जमीन है, यहां रेलवे की परियोजना प्रस्तावित है, जिसके लिए इस जमीन का उपयोग किया जायेगा। अतः अपने रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करें, जिससे आप सबको किसी प्रकार की परेशानी का अचानक सामना ना करना पड़े। लेकिन कब्जेदारों को इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। वे बल्कि कब्जाकर दुकान बनाकर किराये पर दो हजार रुपये प्रतिमाह पर किराये पर भी देकर चलवा रहे है।

इस तरह देखा जाये तो कुम्हारी में रेलवे की जमीन पर करीब 30 दुकान बनवाई गई है। लोगों की मानें तो इसके किराये के रूप में करीब 60 हजार रुपये प्रतिमाह रेलवे को घाटा हो रहा है, वहीं 175 रहवासी का भी अवैध रुप से मकान बनवाया गया है, इसका भी रेलवे को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।

नया निर्माण नहीं हो रहा है, कब्जेदारों पर रेलवे की नजर है। नये निर्माण नहीं हो रहे है, पुराने कब्जेदारों पर मुख्यालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।

-मिथिलेश

आईओडब्ल्यू दुर्ग

Posted By: Nai Dunia News Network

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