भिलाई (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

अफोर्डेबिलिटी क्लॉज की वजह से वेतन समझौता रुकने की बात को इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भिलाई में खारिज कर गए। मंत्री के बयान और वेतन समझौते की मांग को लेकर स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक हुई। अफोर्डिबिलिटी शर्त के कारण वेतन समझौता में हो रही देरी को लेकर गंभीर मंथन हुआ। मंथन के बाद वेतन समझौता पर सार्थक चर्चा शुरू करवाने के लिए संघर्ष की पूरी श्रृंखला की रणनीति बनाई गई।

कोलकाता में हुई बैठक में सरकार द्वारा लगाई गई शर्तों पर नाराजगी जाहिर की गई। पिछले वेतन समझौता के लंबित मुद्दों को हल करने के लिए अभियान को शुरू करते हुए दो मार्च को सेल के सभी इकाइयों में प्रदर्शन किया जाएगा। 13 मार्च से 20 मार्च तक विभागीय स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। 27 मार्च को महा प्रदर्शन किया जाएगा। तीन अप्रैल से बिल्ला वितरण किया जाएगा। सात से 10 अप्रैल तक बिल्ला लगाकर धरना दिया जाएगा।

बैठक में शामिल सीटू महासचिव एसपी डे ने बताया कि पिछले वेतन समझौता के लंबित मुद्दों को हल करने, नए स्थाई कर्मचारी एवं ठेका श्रमिकों के वेतन समझौता के लिए सार्थक चर्चा शुरू करने के विषय पर केंद्रीय पदाधिकारियों ने चर्चा की है। इसके अलावा पांच वर्षीय वेतन समझौता करने, विनिवेश या रणनीतिक बिक्री पर रोक लगाने, आरआईएनएल में पोस्को का विरोध करने पर बल दिया जाएगा।

बैठक में हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू भिलाई से एसपी डे, सविता कुमारी, एसएसके पनिकर, संतोष कुमार पुष्टि, राजहरा माइंस से ज्ञानेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम सिमैया, हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन सीटू से जमील अहमद एवं योगेश सोनी ने भाग लिया।

Posted By: Nai Dunia News Network