भिलाई(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

कोरोना वायरस से बचाव के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र में आवश्यक सामग्री की पूर्ति को कार्मिक अपर्याप्त बता रहे हैं। बार-बार मांग करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिए जाने पर कार्मिकों ने अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) को एक पत्र लिखा गया है। मकसद यह है कि कर्मचारियों और अधिकारियों की सेहत को लेकर किसी तरह की कोई लापरवाही न बरती जाए। इसलिए प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है।

कोविड-19 के कारण पूरे भारतवर्ष में बहुत ही पैनिक की स्थिति निर्मित होते जा रही है, जिसका असर संयंत्र में भी तेजी से पड़ रहा है। प्रबंधन द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार पर्याप्त मात्रा में सेनिटाइजर और मास्क का वितरण किया गया है। उपकरणों को आवश्यक रूप से सेनिटाइज किया जा रहा है। परंतु धरातल में स्थिति कुछ और ही दिखती है। न तो पर्याप्त मात्रा में मास्क और सेनिटाइजर बांटे गए दिखते हैं। ना ही आवश्यकता अनुसार उपकरणों को सेनिटाइज किया जा रहा है।

बीएमएस महामंत्री दिनेश कुमार पांडेय बताते हैं कि यूनियन ने अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) का ध्यान आकर्षित करते हुए हस्तक्षेप की मांग की है। इसके तहत सभी चीफ जनरल मैनेजर, जनरल मैनेजर इंचार्ज से लिखित जानकारी ली जाए कि, क्या उनके विभागों में पर्याप्त मात्रा में मास्क और सेनिटाइजर का वितरण हुआ? क्या आवश्यक उपकरणों को सैनिटाइज किया गया? और इस जानकारी को विभागवार सार्वजनिक किया जाए। इसके अलावा वर्तमान परिस्थितियों में जान जोखिम में लगाकर ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों (योद्धाओं) को विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाए।

कर्मचारियों के हित में इसका भी रखें ध्यान

जिस प्रकार केंद्र सरकार ने आपात स्थितियों में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों का 50 लाख का बीमा कराया है। उसी प्रकार संयंत्र में जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहे इन योद्घाओं का भी 50 लाख का बीमा कराया जाए। जिस तरह प्लांट में यदि कोई भी एक्सीडेंट होता है तो विभाग प्रमुख, ईडी वर्क्स की नैतिक-कानूनी जिम्मेदारी मानी जाती है। उसी प्रकार यदि प्लांट के अंदर या भिलाई टाउनशिप एरिया में कोविड-19 से कुछ भी होता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी, कर्मियों को यह स्पष्ट किया जाए?

कोविड-19 से सबंधित, सभी एपीओ आफिस फॉर्म भरवाए कि कर्मियों को पर्याप्त सैनिटाइजर, मास्क मिला कि नहीं? यदि खत्म हुआ है तो उसकी व्यवस्था हो और यह भी सुनिश्चित हो की मास्क को कितने दिन तक उपयोग करना है और दूसरा कब मिलेगा। पीआरडब्ल्यू कर्मियों के छुट्टी में होने के कारण प्लांट में टॉयलेट बाथरूम की सफाई अधिकांशत बंद हो चुकी है, जिसके कारण भी इंफेक्शन फैलने का खतरा है। अतः आग्रह है कि इस ओर विशेष ध्यान दिया जावे।

शिफ्ट के शुरू होने के पूर्व इक्विपमेंट्स, रेस्ट रूम सभी को सैनिटाइजड किया जाए। फैक्ट्री एक्ट के अनुसार जो भी फैक्ट्री चल रही है। वहां पर कैंटीन की व्यवस्था आवश्यक है। परंतु परिस्थितिवश इन कैंटीनों को बंद किया गया है। अतः आग्रह है शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था कैंटीन की जाए।

प्रशासन से लें सबक, अफसर उतरें फील्ड में

कोविड-19 में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त सड़क पर दौड़ लगा रहे है। परन्तु मिडिल मैनेजमेंट एवं टॉप मैनेजमेंट कर्मचारी के हाल-ए-दास्तान फोन से, केबिन से ले रहे है। फील्ड पर कोई नहीं आता दिख रहा है। यही कारण है कि 1200 लीटर सैनिटाइजर, 10 हजार मास्क पर्याप्त है या नहीं? फील्ड में इनकी क्या व्यवस्था हुई है? वितरण हुआ है कि नहीं? क्या इतनी संख्या-इतनी मात्रा पर्याप्त है या नहीं या और भी लगेगा? फील्ड पर आला अधिकारियों को आकर कर्मचारी साथियों का हौसला बढ़ाना चाहिए।

50 लाख के बीमा पर कारपोरेट में चल रही चर्चा

अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) ने इस पत्र के जवाब में जानकारी दी कि आज ही 1500 मास्क की प्राप्ति हुई है। साथ ही महिला समाज निरंतर मास्क बनाने में लगा हुआ है, जिसे संयंत्र को उपलब्ध कराया जा रहा है। शीघ्र सभी सामानों की पर्याप्त आपूर्ति की जाएगी। 50 लाख बीमा राशि, एवं रिस्क एलाउंस के संबंध में उन्होंने कहा कि कारपोरेट लेवल पर इस विषय पर चर्चा की जा रही है। अन्य विषयों पर उन्होंने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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