भिलाई (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिकों के अस्थायी गेट पास के लिए यूनिफाइड गेट पास सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत अब ठेका श्रमिकों को इंटरनेट आधारित प्रोसेसिंग प्रणाली से अस्थायी गेट पास जारी किया जा सकेगा। संयंत्र प्रबंधन ने कोविड से बचाव के लिए इस अभिनव कदम को उठाते ऑनलाइन प्रणाली प्रारंभ की है। इसका उद्घाटन इस्पात भवन के सीईओ सभागार में डीआइजी (सीआइएसएफ) यूके सरकार द्वारा किया गया।

उद्घाटन समारोह में सर्वप्रथम जीएम (सीएंडआइटी) जयश्री शामकुंवर ने इस यूनिफाइड गेट पास सिस्टम पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी और इसमें प्रणाली की विशेषताओं और इससे होने वाले लाभों के बारे में बताया। यह गेट पास जेनरेशन सिस्टम, पूरी तरह से ऑनलाइन है, जो बीएसपी में अपनी तरह का पहला होगा। ठेकेदार इंटरनेट पर आवेदन कर सकता है और सिस्टम में संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकता है। सीएलसी से सत्यापन के बाद गेट पास जारी करने के लिए सीआइएसएफ को ऑनलाइन जानकारी स्वतः चली जाएगी। यह सिस्टम, दस्तावेजों के बिना किसी भौतिक गतिविधियों के गेट पास प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करता है और प्रगति को ऑनलाइन ट्रैक भी किया जा सकता है।

डीआइजी (सीआइएसएफ) यूके सरकार ने इस प्रणाली के पारदर्शिता और सुगमता की प्रशंसा की। उल्लेख किया कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था और उन्हें खुशी है कि उनकी उपस्थिति में इसका उद्घाटन हुआ। इस तरह की पहल कर, बीएसपी ने पेपरलेस कार्यों को बढ़ावा देते हुए 'हरित पर्यावरण' की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (माइंस) मानस विश्वास, कार्यपालक निदेशक (एमएम) राकेश, कार्यपालक निदेशक(प्रोजेक्ट्स) एके भट्टा, कार्यपालक निदेशक (पीएंडए) एसके दुबे, सीजीएम प्रभारी (सेवायें) एसएन आबिदी, सीजीएम (सीएंडआइटी) पीके झा विशेष रूप से उपस्थित थे।

दोहरे गेट पास बनाने की जरूरत नहीं

ऑनलाइन प्रणाली पारदर्शिता लाने के साथ-साथ पेपरलेस वर्किंग को बढ़ावा देगी। गेट पास बनाने में आसानी होगी और आधार नंबर आधारित प्रणाली होने से दोहरे गेट पास बनाने की संभावना से भी बचा जा सकेगा। महामारी के वर्तमान समय में ठेकेदारों की सरलता के लिए, इसे इंटरनेट पर उपलब्ध कराया गया है। इससे ठेकेदार अपने घरों से पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस प्रणाली ने बीएसपी के कामकाज को और अधिक सुचारू व सक्षम बनाया है। इसमें दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन की भी आवश्यकता नहीं है।

बहुत कम समय में विकसित की प्रणाली

सीएंडआइटी के मुख्य महाप्रबंधक पीके झा तथा महाप्रबंधक सोनाली मुखर्जी के मार्गदर्शन में बहुत ही कम समय में, एक प्रभावी प्रणाली को विकास किया गया है। महत्वपूर्ण योगदान देने वालों में सीएंडआइटी के महाप्रबंधक जयश्री शामकुंवर, उप महाप्रबंधक द्वय संदीप झा व निधि चंद्राकर शामिल हैं। डीजीएम (ओएंडएम) एमके साहू ने उपस्थितों को जानकारी देते हुए बताया कि बीएसपी परिसर में प्रवेश करने वाले विभिन्ना अन्य कर्मियों के गेट पास के युक्तीकरण का कार्य चल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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