भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि । भिलाई इस्पात संयंत्र के कोरोना संक्रमित कर्मचारियों के लिए राहत देने वाली खबर है। निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज कराने वालों का खर्च संयंत्र प्रबंधन उठाएगा, जो कर्मचारी और अधिकारी इलाज की राशि का भुगतान कर चुके हैं, वे प्रतिपूर्ति राशि कंपनी से ले सकते हैं। इसका फैसला संयंत्र प्रबंधन ने गुरुवार को लिया है। देर शाम इसका आदेश कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कोरोना पीड़ित कार्मिकों का निजी अस्पताल में इलाज के मद में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं। संयंत्र के करीब 600 कार्मिक संक्रमित हो चुके हैं।

भिलाई इस्पात संयंत्र के संगठन एवं पद्घति विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक पार्थ प्रतीम राय की ओर से जारी परिपत्र में प्रावधान की जानकारी दी गई है। पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। कर्मचारी या उनके आश्रित को इसका लाभ दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले कार्मिक आनन-फानन में निजी अस्पतालों में भर्ती होते गए।

भिलाई, दुर्ग या आसपास के जिलों में जहां भी इलाज कराया गया है, उसकी राशि कंपनी द्वारा अदा की जाएगी। प्रबंधन का कहना है कि पीड़ित कर्मचारी या अधिकारी भर्ती होने की जानकारी एसएमएस, कॉल, वाट्सएप या अन्य माध्यम से देते हैं तो उसकी पूरी प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। कोविड-19 के संक्रमण होने और उनके इलाज का खर्च उठाया जाएगा। चिकित्सक द्वारा प्रमाणित भी कराया जाएगा।

60 दिन के भीतर लौटा दी जाएगी राशि

बीएसपी प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारी, अधिकारी और उनके आश्रित का पूरा ख्याल कंपनी रख रही है। इलाज शुरू होने और उसके बाद तक पूरा ख्याल रखा जाएगा। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 60 दिन के भीतर कार्मिक अधिकारी प्रतिपूर्ति राशि की प्रक्रिया को पूरा कराएंगे। विभाग के प्रभारी से घोषणा पत्र को प्रमाणित कराने के बाद प्रभारी चिकित्सा निदेशक उसे अंतिम रूप देंगे। इस बीच दो चिकित्सकों का पैनल पूरे केस का अध्ययन करके रिपोर्ट देगा। खास यह है कि 31 दिसंबर 2020 तक इस आदेश को लागू किया गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ओए ने घेरा था, हुआ असर

बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन ने कोविड-19 की चपेट में आने वालों के इलाज का खर्च उठाने की मांग सबसे पहले 16 सितंबर को की थी। बीएसपी सीईओ अनिर्बान दास गुप्ता ने ईडी सहित करीब 500 अधिकारियों से संवाद किया था। ओए अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने बेहाल स्वास्थ्य सुविधा का मुद्दा उठाया था। ज्यादा से ज्यादा कोविड टेस्ट कराने और बेहतर इलाज के लिए कंपनी द्वारा पूरा खर्च उठाने की मांग की थी। सीईओ ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया था, जिसके बाद गुरुवार को परिपत्र जारी कर दिया गया।

मानसिक तनाव से मिलेगी बड़ी राहत

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन का कहना है कि प्रतिपूर्ति राशि से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिलेगी। मानसिक रूप से कर्मचारी और अधिकारी को तनाव से मुक्ति मिलेगी। संक्रमित होते ही अफरा-तफरी के माहौल और अस्पताल में इलाज कराने को लेकर निश्चित रूप से कार्मिक परेशान हुए हैं। यही वजह है कि संयंत्र प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। वहीं, कर्मचारी यूनियन एचएमएस के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र का कहना है कि संयुक्त रूप से आवाज उठाने का असर हुआ है। बुधवार को एचएमएस, सीटू, एटक और एक्टू ने सेल चेयरमैन व बीएसपी सीईओ को पत्र भेजकर प्रतिपूर्ति राशि की मांग की थी।

बीएसपी ने निभाई अभिभावक की भूमिका

16 सितंबर को मांग की थी, इसे बीएसपी प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है। कोरोना के इलाज पर खर्च होने वाली राशि कार्मिकों को लौटाई जाएगी। इस फैसले से बीएसपी ने अभिभावक की भूमिका निभाई है। करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक इलाज मद में खर्च हो रहे हैं। बीएसपी के फैसले से कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा। 20 कार्मिकों की मौत हो चुकी है। यह दुखद भी है।

नरेंद्र कुमार बंछोर, अध्यक्ष-बीएसपी आफिसर्स एसोसिएशन

Posted By: Nai Dunia News Network

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