भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र की जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। प्रातः 5. 30 बजे खुर्सीपार में फोरलेन के किनारे 70करोड़ की दो एकड़ जमीन पर हुए पांच अवैध कब्जा को सील कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के तोड़फोड़ दस्ते की 70 सदस्यीय टीम के अलावा 50 से अधिक पुलिस जवान भी मौजूद रहे।

जिन पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई वे शहर के रसूखदार हैं, उन पर भिलाई इस्पात संयंत्र का 22 करोड़ राजस्व बकाया है। कार्रवाई के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन की ओर से पूरी गोपनीयता बरती गई। वहीं किसी तरह के विरोध को टालने सेफी के चयरमैन एवं ओए भिलाई इस्पात संयंत्र के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भी पहुंच गए थे। रसूखदारों अवैध कब्जाधारियों पर इस कार्रवाई से अन्य अवैध कब्जाधरियों में हड़कंप है।

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवा विभाग के प्रवर्तन विभाग के अनुसार खुर्सीपार में फोरलेन के किनारे संयत्र की बेशकीमती जमीन है। फोरलेन के किनारे से लेकर तेलहा नाला तक खाली जमीन के कुछ टुकड़े को इन कब्जधारियों ने दशकों पहले लीज पर लिया था। अवधि समाप्त होने के बाद न कब्जा हटाया और न ही बकाया का भुगतान किया।

इतना ही नहीं खाली जमीन पर परिसर का विस्तार भी कर लिया। आज बीएसपी की टीम ने इनमें से ही पांच अवैधकब्जधारियों पर कार्रवाई की। परिसर को कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जिला पुलिस बल की उपस्थिति में सील किया गया। इस दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र ,नगर सेवा विभाग के प्रवर्तन विभाग, भूमि विभाग, आवास विभाग का अमला मौजूद रहा।

- पूरी तरह गोपनीयता रखी कार्रवाई

भिलाई इस्पात संयंत्र नगर सेवाएं विभाग के तोड़ फोड़ दस्ते ने कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा था। एक दिन पहले शाम को विभाग के कर्मियों को जानकारी दी गई कि सुबह पांच बजे एक अन्य निर्धारित स्थान पर पहुंच जाएं। इसके अलावा पुलिस प्रशासन से भी सुरक्षा बल की मांग की गई। इस दौरान भी कार्रवाई किस पर की जाएगी इसका खुलासा नहीं किया गया। बीएसपी के चुनिंदा अधिकारियों को ही इसकी जानकारी थी। जिनके निर्देशन में पूरी टीम खुर्सीपार कार्रवाई वाली जगह पर पहुंची।

-विरोध की आशंका, सेफी चेयरमैन भी पहुंचे

कार्रवाई के दौरान बीएसपी नगर सेवाएं के तोड़फोड़ दस्ते ने विरोध की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी कर रखी थी। लगभग 70 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम वहां पहुंची थी। इसके अलावा 50 पुलिस जवान भी मौजूद थे। विरोध को पूरी तरह टालने के लिए सेफी चेयरमैन एवं ओए बीएसपी के अध्यक्ष एनके बंछोर, महासचिव परमिन्दर सिंह, सचिव रेमी थामस भी पहुंचे थे। वे पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे और टीम का हौसला भी बढाया। कार्रवाई रसूखदारों के यहां की जा रही थी इस वजह से बीएसपी की ओर से काई कसर नहीं रखी गई।

-उच्च न्यायालय में सुनवाई से पहले ही कार्रवाई

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को जानकारी लगी थी कि उक्त अवैध कब्जाधारियों द्वारा खुर्सीपार में ही कई गई अन्य बेदखली कार्रवाई को देखते हुए उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी गई थी। इसकी भनक संयंत्र प्रबंधन को लग गई थी। आज उच्च न्यायालय में सुनवाई सुबह 10 बजे से थी।

इसे देखते हुए संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग ने पूरी तैयारी करते हुए सभी पांच अवैध कब्जों में से पांच को सील कर दिया। इतना ही नहीं सील बंद करने की कार्रवाई की जानकारी भी वकील को दे दी गई।

-इन्होंने कर रखा था अवैध कब्जा

बीएसपी नगर सेवाएं विभाग के अनुसार अवैध कब्जा वाले स्थान पर मेसर्स बंसल ब्रदर्स (प्रकरण क्रमांक 10/2004), लक्ष्मी चंद अग्रवाल (प्रकरण क्रमांक13/2004) मेसर्स बंसल कमर्शियल (प्रकरण क्रमांक 11/2004), करुणा बंसल (प्रकरण क्रमांक 67/2004) एवं मेसर्स अग्रवाल इंटरप्राइजेस (प्रकरण क्रमांक 5/2002) संचालित किया जा रहा था। इनके द्वारा फैक्टी का निर्माण करने के साथ ही आसपास की अन्य जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया था।

-पूर्व में जारी हो चुका है डिक्री आदेश

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगार सेवाएं विभाग ने इन अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ के संपदा न्यायालय में मामला दायर किया था। इनमे से चार कब्जेधारियों र मेसर्स बंसल ब्रदर्स, लक्ष्मी चंद अग्रवाल, बंसल कमर्शियल, करूणा बंसल के खिलाफ संपदा न्यायालय ने 18 साल पहले 2004 में डिक्री आदेश जारी किया था। इसके अलावा एक अन्य अवैध कब्जाधारी मेसर्स अग्रवाल इंटरप्राइजेस के खिलाफ संपदा न्यायालय ने 20 साल पहले 2002 में डिक्री आदेश जारी किया था। बावजूद इनके द्वारा कब्जा नहीं छोड़ा गया।

-24 करोड़ बकाया है इनपर

अवैध कब्जाधारियों द्वारा पूर्व में आंबटन के बाद कुछ साल तक लीज राशि का भुगतान किया। इसके बाद भुगतान भी बंद कर दिया। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के अनुसार इन पांचों अवैध कब्जाधारियों पर 24 करोड़ बकाया है। अवैध कब्जाधारियों को उक्त बकाया राशि जमा करने कई बार पत्र और नोटिस भी दिया गया। परंतु उन्होंने राशि का भुगतान नहीं किया। इतना ही नहीं अवैध जमीन पर अपना कब्जा अब तक जमाए हुए थे। बैखौफ यहां पर कारोबार भी संचालित कर रखा था।

-व्यावसायिक जमीन पर बना लिया था आवास

बीएसपी की व्यावसायिक उपयोग वाली उक्त जमीन पर ही आवास का भी निर्माण कर लिया गया है। मेसर्स अग्रवाल इंटरप्राइजेस के परिसर में उक्त आवास देख भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के अधिकारी सहित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट उस समय दंग रह गए। उक्त आवास में एक परिवार भी निवासरत था। कब्जेदार द्वारा मौके पर उपस्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट से आग्रह किया गया कि परिवार की स्थिति को देखते हुए परिसर खाली करने 24घंटे का वक्त दें। लिखित पत्र देने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कब्जाधारी को 24घंटे का समय परिसर को खाली करने दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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