भिलाई, नईदुनिया प्रतिनिधि। दुर्ग जिला अपनी धार्मिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। यहां कई धार्मिक प्रतिष्ठानें अपनी विविधता और विशेषताओं के लिए विश्व विख्यात है। इसमें एक और धार्मिक केंद्र के रूप में जुड़ने जा रहा है, सिविल लाइन का बारह ज्योतिर्लिंग मंदिर। यहां पूरे बारह ज्योतिर्लिंग का प्रतिरूप बनाया जा रहा है।

दुर्ग के शीतला मंदिर परिसर में ही भगवान शंकर के विभिन्न स्थानों पर स्थित बारह ज्योतिर्लिंग का प्रतिरूप बनाया जा रहा है। नागद्वार शिव धाम त्रिशूल क्षेत्र बारह ज्योतिर्लिंग बनाया जा रहा है। जो अपने आप में अलग होगा। क्योंकि अमूमन एकाधा ज्योतिर्लिंग वाले मंदिर कई स्थानों पर है। किन्तु सारे बारह ज्योतिर्लिंग वाला मंदिर दुर्ग में जल्द शुरू हो जाएगा।

आकार लेने के बाद होगा अद्भुत नजारा

यहां महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, विश्वनाथ, वैद्यनाथ, नागेश्वर, सोमनाथ, त्रयम्बकेश्वर, घृष्णेश्वर, भीमाशंकर, मल्लिकार्जुन और रामेश्वर धाम आकार ले रहा है। ज्योतिषाचार्यों के हिसाब से बारह ज्योतिर्लिंग को हिन्दू धर्म और शास्त्रों के अनुसार अलग ही स्थान दिया गया है।

करीब 30 फीट के महादेव का भी होगा दर्शन

शीतला मंदिर के पास खाली स्थान पर बारह ज्योतिर्लिंग का निर्माण पिछले दो साल से चल रहा है। यहां एक तरह छह और दूसरी तरह छह लिंग का निर्माण होगा। लगभग 80 फीसद काम हो चुकी है। वहीं बीच में खाली स्थान में भक्त दर्शन कर पाएंगे। साथ ही बीचोंबीच ही एक तरह मंच बनाकर गया है। जहां दो शिवलिंग, नंदी और करीब 30 फीट ऊंची भगवान भोलेनाथ की प्रतिभा भी बन चुकी है।

बगैर किसी मदद से सेल्फ फाइनेंस्ड है निर्माण

मंदिर का निर्माण दुर्ग के कुछ लोग करवा रहे है। निर्माणकर्ताओं द्वारा पहले सरकार और प्रशासन से दरख्वास्त किया गया था। मगर किसी तरह की मदद नहीं मिलने पर लोग खुद ही अपने पैसों से मंदिर का निर्माण करवा रहे है। मंदिर समिति के फाउंडर्स में रमेश शर्मा, आनंद मध्यानी, रामू यादव, अयोध्या प्रसाद गुप्ता, गोवर्धन प्रसाद जयसवाल,अमर पटेल, राधेश्वर साहू ही अपने खर्चें से मंदिर का निर्माण करवा रहे है।

आज पहला सोमवार, सुबह शुभ मुहूर्त

17 जुलाई से 15 अगस्त तक चलने वाला पवित्र श्रावण मास का आज पहला सोमवार है। पंडित तरूण तिवारी ने भक्त सुबह 08ः30 से 10ः30 तक पूजा करें, शिवलिंग में जलाभिषेक करें। पंडित ने कहा कि वैसे तो महीना ही भोलेबाबा है माह का हन दिन, हर वक्त शुभ है। और सोमवार की महत्ता तो और बढ़ जाती है। किन्तु सुबह का मुहूर्त ज्यादा शुभ है।

एक स्थान पर 12 ज्योतिर्लिंग अपने आप में अद्भुत

धर्म और शास्त्रों के अनुसार ज्योतिर्लिंग का दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं सारे बारह ज्योतिर्लिंग का दर्शन अति उत्तम है। दुर्ग की पवित्र भूमि में एक ही स्थान पर बाबा के 12 रूपों का दर्शन होना बड़ी बात है। पंडित तरुण तिवारी, ज्योतिषाचार्य