दुर्ग। Bhilai News : स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत प्राथमिकता के क्रम में प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य मुख्य मार्गाें पर प्रत्येक दस किमी पर शौचालय की उपलब्ध्ाता अनिवार्य किए जाएंगे। इसके लिए राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा सभी प्रदेश सरकार को निर्देशित किया गया। इन हाइवे पर पूर्व से उपलब्ध्ा होटल, ढाबे, पेट्रोल पंप, टोलनाका एवं ग्राम पंचायत आदि में शौचालय उपलब्ध्ा होने पर उनकी उपलब्ध्ाता आमजनों के लिए साइन बोर्ड लगाने भी कहा है। इस क्रम में राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं जिला की टीम द्वारा दुर्ग सीमा अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का सर्वेक्षण किया गया।

सामुदायिक शौचालयों से लगभग सौ मीटर पूर्व शौचालय उपलब्ध्ाता का बोर्ड लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को जानकारी हो सके। पानी, बिजली, हाथ ध्ाोने एवं शौचालय को उपयोगी बनाए रखने तथा आमजनों के सार्वजनिक उपयोग करने उक्त स्थानों के मालिकों को जिला स्तर से आदेशित किया गया है।

पावर हाउस में शौचालय की सुविध्ाा नहीं

राष्ट्रीय राजमार्ग रायपुर से दुर्ग की ओर जाने वाले मार्ग में हर दो से पांच किमी की दूरी पर पेट्रोल पंप, ढाबा में शौचालय एवं सार्वजनिक शौचालय की सुविध्ाा उपलब्ध्ा पाई गई। वहीं बीएसपी कोपरेटिव सोसायटी पावर हाउस स्थित पंप हाउस में यह सुविध्ाा नहीं पाई गई। कोसानाला टोल प्लाजा शौचालय बंद था। बाएं ओर 16 पेट्रोल पंप एवं तीन सार्वजनिक शौचालय तथा दाहिने ओर 14 पेट्रोल पंप, एक ढाबा, दो सार्वजनिक शौचालय, नेहरूनगर चौक पर एक आध्ाुनिक शौचालय एवं तीन रेस्टोरंेट हैं। जिनमें महिला, पुरुष के लिए पृथक-पृथक शौचालय की सुविध्ाा है। दुर्ग बाइपास टोल प्लाजा में दोनों ओर सामुदायिक शौचालय की अच्छी व्यवस्था की गई है, जिसे टोलप्लाजा के माध्यम से रख-रखाव किया जाता है।

ग्राम पतोरा को पुरस्कार राशि

राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 अंतर्गत उत्कृष्ट सेग्रीगेशन वर्कशेड के लिए हाल ही में ग्राम पंचायत पतोरा को एक लाख रुपये की प्राप्त पुरस्कार राशि का उपयोग भी शौचालय और स्नानागार निर्माण में किया गया। सरपंच अंजीता गोपेश साहू ने बताया कि शौचालय निर्माण स्थान काध्यान में रखते हुए दुर्ग-पाटन मार्ग पर बस यात्री प्रतिक्षालय के समीप निर्माण किया गया है।

मार्च तक होना है सवा तीन सौ पंचायतों में शौचालय निर्माण

जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अध्ािकारी एस आलोक ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेस-2 का लक्ष्य वर्ष 2025 तक पूर्ण किया जाना है। इस लक्ष्य के विरुद्ध जिला स्तर से सौ एवं राज्य स्तर से दो सौ सामुदायिक शौचालय निर्माण का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2020-21 में लिया गया है। प्रथम चरण में जिले में कुल तीन सौ 14 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति कर प्रथम किश्त जारी की जा चुकी है। जिसे 15 मार्च, 2021 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य लिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को सामुदायिक शौचालय के समीप एक आजीविका केंद्र (दुकान) खोले जाएंगे।

Posted By: Ravindra Thengdi

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