भिलाई (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मणिपुर के नोनी जिले में 30 जून को हुए भूस्खलन में भिलाई के लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पाण्डेय (42) बलिदान हो गए। वे भूस्खलन के बाद से ही लापता थे। सेना ने रविवार को उनका शव बरामद किया। उनके बलिदान होने की सूचना मिलते ही भिलाई में मातम पसर गया।

वह 107 राइफल्स गोरखा बटालियन में थे। नोनी में इन दिनों रेलवे ट्रैक बिछाया जा रहा है। बोडो उग्रवादियों के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में पाण्डेय अपनी टुकड़ी के साथ तैनात थे। इसी दौरान वह 42 जवनों के साथ भूस्खलन की चपेट में आ गए थे। उनका सात साल का बेटा है, जो दिल्ली में पढ़ाई कर रहा है। पाण्डेय भिलाई की पत्रकार भावना पाण्डेय के भाई थे।

सीएम भूपेश ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मणिपुर लैंडस्लाइड में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल देव पांडेय को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए ईश्वर से उनके परिवारजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

स्वजन का पोंचू चला गया

ले. कर्नल पाण्डेय ने भिलाई में शि‍क्षा ग्रहण की है। घर वाले उन्हें पोंचू कहकर बुलाते थे। स्वजन का कहना है कि उन्हें बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था। उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और सफल होने पर बहुत खुश हुए थे।

मां से बात करते-करते बुला ले गई मौत

बुधवार को रात 10 बजे घटना से पहले ले. कर्नल पाण्डेय अपनी मां से फोन पर बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कैंप से गड़गड़ाहट सुनाई दी। इस पर उन्होंने अपनी मां से बाद में बात करने को कहकर फोन काट दिया था। इसके बाद से उनका मोबाइल बंद आने लगा। बताया जा रहा है कि सेना के कैंप के पास बहने वाली नदी का तट सबसे पहले धसका था।

कड़ा और गले में बंधे धागे से हुई शव की पहचान

ले. कर्नल पाण्डेय के शव की पहचान हाथ में पहने कड़ा और गले में बंधे धागे से हुई। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया जा रहा है। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली या भिलाई कहां किया जाएगा। फिलहाल यह अभी तय नहीं है।

Posted By: Pramod Sahu

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