भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन टाउनशिप के आवासों में बिजली का थ्री फेज कनेक्शन नहीं दे रहा है। करीब चार साल से छह हजार से भी अधिक आवेदन पेंडिंग हैं। ट्रांसफार्मर ओवर लोड अथवा फुल लोड पर चल रहे हैं। ऐसे में लो वोल्टेज और बिजली गुल होने की समस्या से रहवासियों को परेशान होना पड़ रहा है।

संयंत्र प्रबंधन टाउनशिप में बिजली व्यवस्था के सिस्टम को अपग्रेड नहीं कर रहा है क्योंकि अवैध कब्जों की वजह से उसे हर साल 17 से 18 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीएसपी टाउनशिप में औसतन हर दिन पीक लोड पर 25 मेगावाट तक बिजली खपत हो रही है।

भिलाई इस्पात संयंत्र का टाउनशिप दो भागों में बंटा है, पहले सेक्टर क्षेत्र एवं दूसरा खुर्सीपार-कैंप क्षेत्र। इस पूरे क्षेत्र में बीएसपी की स्वयं की बिजली व्यवस्था है। इसकी जिम्मेदारी बीएसपी के टाउन इंजीनियरिंग इलेक्ट्रीकल डिपार्टमेंट (टीईईडी) पर है। वितरण व्यवस्था से लेकर बिजली बिल कलेक्शन तक का काम इस विभाग के जिम्मे ही है। सेक्टर एव खुर्सीपार-कैंप क्षेत्र में बीएसपी ने थ्री फेज के बिजली कनेक्शनों पर रोक लगा दी है।

बीएसपी ने नहीं दिया जवाब

टाउनशिप में उपभोक्ताओं को थी फेज कनेक्शन पर रोक के संबंध में बीएसपी जनसंपर्क विभाग से सवाल पूछ जाने पर कोई भी जवाब नहीं दिया गया।अवैध कब्जाधिारयों ने बिगाड़ा बैलेंसबीएसपी को सबसे ज्यादा नुकसान अवैध कब्जों और उसमें उपयोग की जाने वाली चोरी की बिजली से हो रहा है। औसतन हर साल 17 से 18 करोड़ का नुकसान बिजली चोरी के रूप में लाइन लास से हो रहा है। एक तरह से बीएसपी की बिजली व्यवस्था का बैलेंस ही अवैध कब्जों की वजह से गड़बड़ा गया है। जनप्रतिनिधियों के प्रश्रय में रहने वाले अवैध कब्जाधारी बकायादा चोरी की बिजली से न सिर्फ घर रौशन कर रहे हैं बल्कि कूलर, फ्रीज और एसी का भी उपयोग कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के आवासों के पास सेक्टर-5, सेक्टर-10 में पूरी की पूरी बस्ती बस गई है। भिलाई नगर रेलवे स्टेशन, सेक्टर-6 पानी टंकी, मंदिर क्षेत्र एवं अन्य स्थानों पर भी यही हाल है। खुर्सीपार और कैंप क्षेत्र का तो और भी बुरा हाल है। यहां जमकर बिजली की चोरी भी हो रही है। इससे बीएसपी को बिजली का बिल नहीं मिलता और बिजली गुल होने अथवा फाल्ट का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कनेक्शन न देने से यह दिक्कत

बीएसपी को करीब 30 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसमें संयंत्र के कर्मचारियों के अलावा थर्ड पार्टी आवंटी, लाइसेंसी, लीजधारी एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं। समय के साथ इन आवासों में रहने वाले लोगों की जीवन शैली में बदलाव और जरूरतों के हिसाब से बिजली के उपकरणों का उपयोग भी बढ़ गया है। कई घरों में पंखों की जगह कूलर और कूलर की जगह एसी ने ले ली है। वहीं कई घरों में दो से तीन एसी लगे हुए हैं। प्रबंधन द्वारा इन आवासों में सिंगल फेज का बिजली कनेक्शन पहले दिया गया था। अब बिजली का लोड अधिक होने से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या आने लगी हैं। इससे राहत पाने वे थ्री फेज लेना चाह रहे हैं परंतु यह उन्हें नहीं मिल पा रहा है। लगभग चार साल में छह हजार से भी अधिक थ्री फेज के आवेदन लंबित हैं। उपभोक्ताओं को संबंधित विभाग से जवाब तक नहीं मिल रहा है।

इस वजह से कनेक्शन देने में आनाकानी

भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा टाउनशिप की स्थापना के समय ही अलग अलग सेक्टरों में सब स्टेशन की स्थापना की गई। इन्हें एचटी लाइनों से जोड़ते हुए बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई। प्रबंधन द्वारा टाउनशिप में जो ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं वे 200 केवीए से अधिक क्षमता वाले हैं। वहीं बिजली कंपनी इससे कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों का उपयोग वितरण व्यवस्था के लिए करती है। एक तरह से बीएसपी का पूरा सिस्टम हली उससे अलग और खर्चीला है। टाउनशिप की स्थापना के समय भविष्य के 30 से 40 से साल तक की जरूरतों को देखते हुए लाइन बिछाई गई थी और ट्रांसफार्मर भी लगाए गए थे। अब जरूरतें कई गुना बढ़ गई है ऐसे में बीएसपी ने कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई परंतु स्थिति बेकाबू जैसी है। ऐसे में कई टाउनशिप में अधिकांश ट्रांसफार्मर फुल लोड पर चल रहे हैं। ऐसे में अब नुकसान से बचने प्रबंधन ने थ्री फेज कनेक्शन पर रोक लगा दी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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