भिलाई। BSP News: कोरोना से दिवंगत भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी व अधिकारियों के आश्रित दूसरे दिन शुक्रवार को भी अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे रहे। 24 घंटे बाद भी उनका हाल जानने अथवा चर्चा के लिए बीएसपी प्रबंधन की ओर से कोई नहीं आया। इसे लेकर गुस्साए परिवारजनों का कहना था किपूर्व इस्पात मंत्री ने आश्वासन दिया था किहम दिवंगत कर्मियों के परिवारजनों को बेसहारा नहीं छोड़ेंगे परन्तु यहां तो परिवारजन सड़क पर हैं और प्रबंधन बेसुध पड़ा है। आज कुछ और पीड़ित परिवाजन भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और समर्थन दिया।

भिलाई इस्पात संयंत्र में कोरोना संक्रमण की वजह से 249 कर्मचारी व अधिकारी की मौत हुई है। तीन माह होने जा रहे हैं परन्तु अब तक आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति को लेकर प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। 150 परिवारजनों ने एकजुट होकर अनकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर गुरुवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। आज आंदोलन का दूसरा दिन रहा।

आंदोलन स्थल पर पीड़ित परिवारजनों का कहना था किपूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने आश्वासन दिया था किदिवगंत कर्मचारियों के परिवार को सेल बेसहारा नहीं छोड़ेगा। परन्तु यहां यह हाल है कि24 घंटे हो गए परन्तु पीड़ित परिवार की सुध लेने कोई भी नहीं आया।

भिलाई इस्पात संयंत्र के अफसर भी मानवीय पहलुओं को भूल गए हैं। यहां भविष्य की चिंता को लेकर हमारी रातों की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने आज भी सवाल उठाया किएनटीपीसी, कोल इंडिया में नौकरी के साथ ही मुआवजा तक दिया गया। टाटा स्टील व जिंदल स्टील में अनुकंपा नियुक्ति दे दी गई आखिर बीएसपी में क्यों नहीं किया जा रहा है।

पैसों के लिए मोहताज हो गए परिवारजन

आंदोलन स्थल पर बैठे लोगों ने कहा किबीएसपी प्रबंधन ईएफबीएफ योजना के लिए जोर दे रहा है। इसके बिना कर्मचारी परिवारों का भुगतान अटका हुआ है। इतना ही नहीं सेवा का पैसा भी भुगतान नहीं किया जा रहा वहीं ईडीएलआई की राशि भी अब तक नहीं मिल पाई है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके बैंक एकाउंट से लेन देन को बंद कर दिया गया है। ऐसे में परिवार के सदस्यों के पास जीवकोपार्जन के लिए दूसरों के पास हाथ फैलाना पड़ रहा है। एक तरह से पैसों के लिए मोहताज हो गए हैं। तीन माह से यही स्थिति है। आखिर बीएसपी सेल प्रबंधन हम आश्रितों को कौन सी सेवा दे रहा है।

दिवंगतों की पत्नी व बेटियां भी आंदोलन में सहभागी

बीएसपी के दिवंगत कर्मचारी अधिकारी की पत्नी व बेटियां भी आंदोलन में सहभागिता दे रही हैं। तीन पाली में आंदोलन स्थल पर पीड़ित परिवार के लोग पहुंच कर समर्थन दे रहे हैं। एक दिवंगत की पत्नी ने बताया किपरिवार का मुखिया चला गया, संयंत्र में सेवा देने वाले कर्मचारी के परिवार इस तरह सड़क पर आने विवश हो गए हैं। प्रबंधन न भुगतान कर रहा है और न ही अनुकंपा नियुक्ति को लेकर कुछ बोल रहा है। अब हमारे पास संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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