भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप में लगातार दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। विभिन्ना सेक्टरों में जांच व निरीक्षण के दौरान लोगों से मिली शिकायत के बाद भिलाई और रिसाली निगम आयुक्त ने संयंत्र प्रबंधन को हिदायत दी गई थी।

बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर मंगलवार को कलेक्टर ने भिलाई इस्पात संयंत्र के संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसरों की बैठक ली। इस दौरान कलेक्टर ने दो टूक कहा कि प्रबंधन ने जो व्यवस्थाएं की है, वह पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में बीमारी फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। संयंत्र प्रबंधन मामले को गंभीरता से ले और कदम उठाए। बारिश से पहले सीवरेज व 700 से ज्यादा बैकलेन की सफाई करने की हिदायत भी उन्होंने दी।

भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप में बीते एक साल से भी अधिक समय से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। संयंत्र प्रबंधन इस पानी को पीने योग्य होने का दावा करता रहा है वहीं टाउनशिपवासियों की शिकायत नहीं थम रही है।

भिलाई नगर निगम और रिसाली नगर निगम आयुक्त ने भी अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले सेक्टरों का दौरा किया, लोगों से बात की और पानी की सैंपल भी लिया। इसमें भी गंदे पानी की आपूर्ति की बात सामने आई। बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

बीएसपी व टाउनशिपवासी इसकी वजह से बाजार से पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर है। प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक लोगों अपनी जेब से खर्च करने पड़ रहे है। इसके अलावा बीएसपी को पानी का शुल्क 120 रुपये भी अलग देने पड़ रहे है।

इन सेक्टरों में ज्यादा शिकायत

बीएसपी टाउनशिप के सेक्टर-1, 2, 4, 6, 7 एवं 8 में पानी की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायत आ रही है। यहां के रहवासियों व जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत कलेक्टर डा .सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के पास भी की। उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप के लिए प्रतिदिन एक लाख 40 हजार क्यूबिक मीटर पानी लगता है।

सिंचाई विभाग विभाग से मिले पानी को बीएसपी मरोदा में स्टोर करता है और अपने जल शोधन संयंत्र में रासायनिक उपचार के बाद पानी की आपूर्ति करता है। टाउनशिप और कैंप क्षेत्र में बीएसपी के 30 हजार आवास हैं।

प्रभावी नियंत्रण पर जोर

बीएसपी टाउनशिप में गंदे पानी की आपूर्ति और इसकी वजह से आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव ना पड़े इसके लिए कलेक्टर डा .सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बीएसपी के अधिकारियों और नगर निगम आयुक्तों के साथ आज बैठक ली। कलेक्टर ने बीएसपी के अधिकारियों के साथ जल आपूर्ति के प्रभावी नियंत्रण के लिए वितरण प्रणाली पर चर्चा की।

उन्होंने आवासों में आ रहे मटमैले पानी का कारण पूछा। बीएसपी के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा परंतु कलेक्टर इससे असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने साफ व कड़े शब्दों में नागरिकों की बुनियादी हित को ध्यान में रखकर कार्य करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

सीपेज को रोंके, करें बेहतर व्यवस्था

कलेक्टर डा .सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बीएसपी अफसरों को कहा कि पाइपलाइन के सीपेज को सुधारें, पाइप लाइन की जांच करें और नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करें। स्वच्छ पानी व्यवस्था की व्यवस्था के लिए मेन पावर को दो से तीन गुना करने का अपना सुझाव भी दिया।

इसके अलावा बीएसपी टाउनशिप में 700 से भी ज्यादा बैकलेन की सफाई और सीवरेज लाईन प्रबंधन के विषय में भी उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की। बैकलेन की सफाई इस प्रकार से करने के लिए कहा कि ये घरों के सामने की गलियों से भी स्वच्छ दिखाई दे।

बारिश से पहले सुनिश्चित हों सारे काम

बैठक में टाउनशिप के बैकलेन में गंदगी पर कलेक्टर ने कहा कि इसकी मुख्य वजह गीला एवं सुखा कचरा को अलग न करना और कचरा प्रबंधन के लिए कचरा वाहन का उपयोग न करना है। उन्होंने बीएसपी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैकलेन की सफाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम हो।

आने वाले बरसात से पहले इन सभी कार्यों को पूर्ण करने चेताया। जिससे रहवासियों को दिक्कत का सामना करना न पड़े। बैठक में भिलाई निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, रिसाली के आयुक्त आशीष कुमार देवांगन और बीएसपी के ईडी पीएंडए केके सिंह सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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