CAA In Chhattisgarh : दुर्ग । बांग्लादेशी महिला के पास से जांच में दो देश का पासपोर्ट मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है। वहीं एफआइआर की भनक लगते ही बांग्लादेशी महिला फरार हो गई है। बांग्लादेशी महिला 16 साल से दुर्ग के कसारीडीह में रह रही थी। कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपित शबीना नाज मुक्ता मूलत: नया बाजार रंगपुर जिला सैदरपुर बांग्लादेश की रहने वाली है। 16 साल पहले शबीना 15 दिन का वीजा लेकर भारत आई थी।

भारत आने के बाद शबीना दुर्ग कसारीडीह निवासी अपने फूफा के घर आ गई। देखते ही देखते 15 दिन की वैधता भी समाप्त हो गई। वैधता समाप्त होने के बाद शबीना ने इसकी जानकारी न तो क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को दी और न ही किसी थाने में। शबीना 16 साल तक चुपके से दुर्ग में निवास कर रही थीं।

जांच में हुआ पर्दाफाश

पुलिस ने बताया कि शबीना 16 साल की उम्र में बांग्लादेश से भारत आई थी और दुर्ग के कसारीडीह में अपने फूफा के घर रह रही थी। इसी दौरान शबीना की शादी की उम्र हो गई। जिसके बाद शबीना ने अलमास नाम के युवक से शादी कर ली। शादी के बाद शबीना के बच्चे हुए।

बच्चों के बड़े होने के बाद शबीना के पति ने 2019 में बैंकाक घूमने का प्लान बनाया। इसके लिए शबीना के पति ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रायपुर से पोसपोर्ट के लिए आवेदन किया। रायपुर कार्यालय से शबीना व उसके पति का पासपोर्ट भी बन गया। पोसपोर्ट बनने के बाद शबीना अपने पति के साथ बैंकाक जाने के लिए रवाना हो गई।

कोलकाता एयरपोर्ट में अधिकारियों ने पासपोर्ट की जांच की। पासपोर्ट जांच के दौरान अफसरों को संदेह हुआ। संदेह होने पर अफसरों ने शबीना से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में शबीना ने बांग्लादेशी नागरिक होने का हवाला दिया और भारतीय पोसपोर्ट बनाने की बात भी कही। जिसके बाद भारत सरकार विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रायपुर को पत्र लिखकर जांच करने निर्देशित किया।

छह माह चली जांच

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रायपुर ने दुर्ग एसपी को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी। एसपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई। जांच में कई चौकाने वाले खुलासे हुए। शबीना ने बांग्लादेशी पासपोर्ट रखते हुए भारत का भी पासपोर्ट बनवा लिया। जांच के बाद पुलिस ने शबीना के खिलाफ धारा 420 व पासपोर्ट अधिनियिम 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया।

16 साल से शबीना भारत में रह रही हैं, इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को लगी और न ही संबंधित थाना क्षेत्र के अधिकारी को। विभागीय अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 15 दिन का वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी विभागीय अफसरों ने शबीना की पतासाजी नहीं की, जिसका फायदा उठाते हुए शबीना ने स्थानीय स्तर पर आधार कार्ड, वोटर कार्ड भी बनवा लिया।

शबीना के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस पतासाजी में जुटी है। जल्द ही शबीना को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। - राजेश बागड़े, टीआइ, कोतवाली

Posted By: Anandram Sahu

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