भिलाई(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आर्थिक रुप से टूट चुके भिलाई नगर निगम को बीएसपी से पांच अरब जुर्माना मिलने की उम्मीद है। मामला हाईकोर्ट में लंबित है। इस महीने फैसले की उम्मीद है।

बता दें कि भिलाई स्टील प्लांट हर साल भिलाई नगर निगम को 14 करोड़ रुपये संपत्तिकर देता है। बीते वित्तीय वर्ष 2018-19 में भिलाई नगर निगम ने बीएसपी पर यह आरोप लगाते हुए पांच अरब का नोटिस भेजा था कि बीएसपी द्वारा स्व निर्धारण विवरणी (संपत्ति की जानकारी) में गलत जानकारी दी जा रही है। भिलाई निगम का दावा था कि बीएसपी की संपत्ति स्व विवरणी से कहीं ज्यादा है।

पांच अरब पेनाल्टी का नोटिस मिलने के बाद भिलाई स्टील प्लांट ने राज्य शासन से हस्ताक्षेप करने की मांग की थी। इसके बाद बीएसपी प्रबंधन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई चल रही है। कहा जा रहा है कि अक्टूबर अंत या नवंबर के प्रथम पखवाड़े में इस पर कोई फैसला आ सकता है।

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निगम प्रशासन को फैसला का इंतजार

भिलाई निगम आर्थिक रुप से पूरी तरह से टूट चुका है। कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। 25 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदार 25 दिन से हड़ताल पर बैठे हैं। 17 करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है। भिलाई निगम की महीने में सिर्फ ढाई करोड़ रुपये आवक है, जबकि खर्च 10 करोड़ रुपये हैं। ऐसी स्थिति में भिलाई निगम को होईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।

वर्जन

भिलाई निगम तथा बीएसपी प्रबंधन द्वारा अपना-अपना पक्ष रख दिया गया है। अभी तारीख तो तय नहीं पर इस महीने या नवंबर के पहले पखवाड़े में फैसला आ सकता है।

अशोक द्विवेदी, उपायुक्त व राजस्व अधिकारी, नगर निगम भिलाई

Posted By: Nai Dunia News Network

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