भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी)आफिसर्स एसोसिएशन (ओए) की नई कार्यकारिणी निर्वाचित हो गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर लगातार तीसरी बार एनके बंछोर विजयी रहे। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी डा. कौशलेंद्र ठाकुर को हराया। बंछोर को 1552 एवं डा ठाकुर को 667 वोट मिले। एनके बंछोर निवृतमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष के साथ ही सेफी चेयरमैन भी हैं। इसके अलावा महासचिव पद पर परविंदर सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मोहम्मद शाहिद को 551 वोट से पराजित किया। परविंदर सिंह को 1256, मोहम्मद शाहिद को 705 एवं केके यादव को 253 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर अंकुर मिश्रा ने जीत हासिल की। अंकुर मिश्रा को कुल 1233 एवं उदय भानु तिवारी को 974 वोट मिले। एनके बंछोर एवं परविंदर एक ही पैनल से हैं।

भिलाई इस्पात संयंत्र के अफसर आफिसर्स एसोसिएशन (ओए) के 2021-2023 की कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव में कुल 2465 मतदाताओं में से कुल 2221 ने मतदान किया। मतणना का काम देर रात शुरू हुआ और पौने तीन बजे तक चला। कुल 22 राउंड में गिनती की गई। इस दौरान प्रत्याशियों के अलावा उनके समर्थक भी मतदान केंद्र भिलाई क्लब में जुटे रहे। मतगणना के दौरान जैसे जैसे रूझान आता गया अधिक वोट पाने वाले प्रत्याशी व उनके समर्थकों के चेहरे खिलने लगे थे। जनरल बाडी के अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष पद के अलावा जोन के प्रतिनिधियों के मतो की गिनती के बाद उनके नामों की भी घोषणा की गई।

चुनाव जीतने के बाद एनके बंछोर ने कहा कि बीते कार्यकाल में ओए की पूरी टीम ने जो काम किया उसकी बदौलत ही यह जीत का मुकाम मिला है। बीएसपी के अफसरों में तीसरी बार मुझ पर भरोसा जताया है। बंछोर ने कहा कि वेतन समझौता लगभग हो चुका है। इसे सभी जानते हैं जल्द ही घोषणा भी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से नई टीम काम करेगी। लंबित विषयों के निराकरण पर भी प्राथमिकता से काम होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से लेकर सेल स्तर पर हम सभी विषयों को रखेंगे।

महासचिव पद पर निर्वाचित होने के बाद परिवंदर सिंह ने कहा कि सभी के सहयोग से ही उन्होंने इतने अधिक अंतर से चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि ओए की बीते कार्यकारिणी में जो काम भी अधूरे रह गए हैं उन्हें जल्द पूरा करना उनकी प्राथमिकता होगी। सेल मेडिक्लेम, स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा।

कोषाध्यक्ष अंकुर मिश्रा ने कहा कि हर उस विषय पर पूरी गंभीरता से काम होगा जो अब तक लंबित है। चाहे इसके लिए स्थानीय से लेकर सेल प्रबंधन तक बात क्यों न उठानी पडे। उन्होंने कहा कि टीम भावना से सारा काम होगा। उन्होंने कहा कि हर स्थिति में अफसरों का अहित नहीं होने देंगे। मुझे दोबारा इस पद पर मौका दिया गया है।

ओए चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अमूल्य प्रियदर्शी, एस कुमारन एवं सुभाष पटेल के अलावा 60 से अधिक कर्मियों की टीम ने इस चुनाव को पूरा कराया। खासबात यह रही कि निर्वाचन अधिकारी अमूल्य प्रियदर्शी की टीम चुनाव तिथि तय होने के बाद से ही इस प्रयास में लग गई थी कि इस बार मतदान का प्रतिशत ज्यादा आए। हर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करे। इसके अलावा मतदान एवं मतगणना के दौरान सारी व्यवस्थाओं का ध्यान रखा गया, जिससे मतदाताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पडे। इसका असर देखने भी मिला बीते दो चुनाव की अपेक्षा इस चुनाव में मतदान का फीसद सबसे ज्यादा रहा है। निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक 2015-17 की कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव में कुल 3195 मतदाताओं में से 2756 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था, इस चुनाव में मतदान का फीसद 75.57 रहा। इसके बाद 2017-19 के चुनाव में 2862 मतदाताओं में से 2163 ने मतदान किया था। इस चुनाव में मतदान 75.57 फीसद ही हुआ था। वर्तमान चुनाव में बीते दोनों चुनाव के मतदान के रिकार्ड टूट गए। इस बार कुल 2465 मतदाताओं में से 2221 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और 90.10 फीसद मतदान हुआ।

ओए चुनाव में 17 जोन में कुल 28 जोन प्रतिनिधि के पद के लिए भी मतदान हुआ। इसमें निवृतमान कई जोन प्रतिनिधि अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए। इसमें कई दिग्गज अफसर भी शामिल हैं। जोन-11 बी से संजीव श्रीवास्तव चुनाव हार गए। जोन-3 बी के अनिल राठौर जो डेफी के पदाधिकारी हैं वे हार गए, जोन-4 बी सुनील शुक्ला, जोन-5 ए तुषार सिंह जोन-5बी सत्यप्रकाश शर्मा, जोन-8 बी पूरन लाल साहू भी हार गए। जोन 11 सी कृष्णानंद राय, जोन-12 एके तिवारी एवं जोन-14 के अजय चौधरी को हार का सामना करना पडा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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