Chhattisgarh News : नई दुनिया, भिलाई । करीब 40 साल बाद रेल पटरी का मॉडल और गुणवत्ता बदलने की तैयारी है। तकनीकी शब्दों में रेल पटरी के लौ ग्रेड यूटीएस-90 की जगह 60-ई-1 का उत्पादन होगा। यानी नए लोहे और नए मॉडल की रेल पटरी पर पहियों का घर्षण कम होने से रफ्तार भी बढ़ेगी और झटके भी कम लगेंगे। जून माह के अंत तक या जुलाई के पहले सप्ताह से नए ग्रेड की रेल पटरी का निर्माण शुरू हो जाएगा।

मौजूदा रेल पटरी और ट्रेन के पहिये के बीच घर्षण ज्यादा होता है। इससे यात्रियों को झटके लगते हैं। ट्रेन की रफ्तार भी कम होती है। नए ग्रेड की पटरी बनाने का श्रेय भिलाई इस्पात संयंत्र को मिल रहा है।

रेल और सेल के रिश्ते की डोर को मजबूत करने वाले इस ग्रेड को बनाने का काम बीएसपी के इंजीनियर्स ने किया है। रेलवे की मांग के अनुरूप स्टील टेस्टिंग में सफल रही। इसके बाद 60-ई-1 ग्रेड की पटरी बननी शुरू हो रही है।

इसके सैंपल को आरडीएसओ लखनऊ भेजा गया है, जहां राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस), आरसीएल (रिसर्च एंड कंट्रोल लेबोरेटरी), आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैण्डर्स ऑर्गनाइजेशन) लखनऊ की टीम मिलकर इस पर काम कर रही है।

बदलेगा मौजूदा पटरी का आकार

भिलाई स्टील प्लांट में जनसंपर्क महाप्रबंधक सुबीर दरीपा के अनुसार पटरी की ऊपरी सतह और बेहतर होगी, जिससे पहिये और पटरी के बीच पकड़ मजबूत होगी। घर्षण कम होने से ट्रेन की रफ्तार भी बढ़ेगी। अभी की पटरी का एंगल पहिए को डैमेज करता है इसलिए कांटैक्ट एरिया ही बदला गया है। भारतीय रेल की मांग के अनुरूप पटरियों की आपूर्ति की जा रही है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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