भिलाई। Crime News: कोरबा से एनएसपीसीएल (पुरैना स्थित पावर प्लांट) के लिए कोयला भरकर आने वाली मालगाड़ी के रुकते ही कोयला चोर टूट पड़ते हैं। हाईटेंशन लाइन होने के बावजूद कोयले की चोरी के लिए जान हथेली पर डालकर लोग मालगाड़ी के डिब्बों पर चढ़ जाते हैं। भारी मात्रा में कोयले नीचे गिराकर बोरों में भरकर उसे लेकर रफूचक्कर हो जाते हैं। इससे लगातार राष्ट्रीय क्षति हो रही है।

आपको बता दें भिलाई-3 पुरैना स्थित एनएसपीसीएल पावर प्लांट के लिए प्रतिदिन कोरबा से कोयला वैगन में भरकर आता है। एक मालगाड़ी में 59 वैगन होता है। इसमें प्रतिदिन हजारों टन कोयला आता है। एक वैगन में 55 सौ टन कोयला होता है इस कोयले को एनएसपीसीएल द्वारा बिजली उत्पादन के लिए मंगवाया जाता है।

कोयले से भरी मालगाड़ी पुरैना से होकर जब गुजरती है तब एनएसपीसीएल के पूर्व वे ब्रिज के पहले मालगाड़ी को रोका जाता है इसी दौरान कोयला चोर कोयला चोर सक्रिय हो जाते हैं उनके द्वारा मालगाड़ी पर चढ़कर कई टन कोयला उतार लिया जाता है मालगाड़ी के नीचे पहले से ही बोरा लेकर कोयला चोर के लोग तैयार रहते हैं जो कोयले को लेकर गायब हो जाते हैं।

रोज दो लाख कीमत की कोयले की चोरी

कोयला चोरो के द्वारा प्रतिदिन यहां से दो लाख कीमत की कोयले की चोरी की जाती है। खुलेआम होने वाली चोरी में सीआइएसफ, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के लोगों का संरक्षण होना बताया जा रहा है। कोयला चोरी को रोकने के लिए किसी के द्वारा भी कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे राष्ट्रीय क्षति हो रही है क्योंकि एनएसपीसीएल द्वारा उतने का ही भुगतान किया जाता है। जितना उसे कोयला प्राप्त होता है।

महंगे कोयले को ओने पौने दाम पर बेचते हैं

पुरैना में मालगाड़ी से कोयला चोरी करने के बाद उसे ढाबों में ले जाकर बेचा जाता है। कोयला चोर इतने महंगे कोयले को औने-पौने दाम पर बेच देते हैं। लाखों रुपये के कोयले को हजारों रुपए में बेचा जाता है। बताया जाता है कि कोयला चोर इतने शातिर होते हैं कि वह यह भी नहीं देखते कि जिस मालगाड़ी के वैगन के ऊपर वे चढ़े हैं उसके ठीक ऊपर हाईटेंशन लाइन गुजरी हुई है। बावजूद इसके जान हथेली पर डालकर कोयला चोरी बदस्तूर जारी है। जबकि कई लोगों की जान कोयला चोरी के दौरान हो चुकी है।

थाना क्षेत्रों का लाभ मिल रहा है कोयला चोरों को

पुरैना में जिस क्षेत्र में कोयला चोरों द्वारा मालगाड़ी से इसकी चोरी की जाती है, वह प्राइवेट साइडिंग है। जहां पर थाना क्षेत्र का मामला है, जिसे लेकर कार्रवाई करने में दिक्क्तें हो रही हैं। इसका लाभ कोयला चोर उठा रहे हैं। बताया जाता है कि आरपीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा क्षेत्र को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती।

वर्जन

जिस जगह पर कोयला चोरी की जाती है वह आरपीएफ के अधीन नहीं है। जितने क्षेत्र में आरपीएफ की जिम्मेदारी है, वहां पर कार्यवाही की जा रही है।

राजेश वर्मा, प्रभारी, आरपीएफ थाना भिलाई-3

उक्त क्षेत्र रेलवे का है उसे हम नहीं देखते। फिर भी पता लगवा लेता हूं।

विनय सिंह, प्रभारी, भिलाई-3 थाना(सिविल)

Posted By: Nai Dunia News Network

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