भिलाई (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के ठेका श्रमिकों को पे स्केल नहीं मिल पाएगा। ठेका श्रमिकों का वेतन तय करने एनजेसीएस (नेशनल ज्वांइट कमेटी आफ स्टील) की सब कमेटी की बैठक में प्रबंधन ने दो टूक कहा कि सेल के हर यूनिट में ठेका श्रमिकों के वेतन में असमानता है। ऐसे में हम पे स्केल का निर्धारण नहीं कर सकते है। प्रबंधन ने एडब्ल्यूए (अतिरिक्त कल्याण भत्ता) में 25 फीसद वृद्धि का प्रस्ताव दिया। जिसे यूनियन प्रतिनिधियों ने मानने से मना कर दिया। अब अगली बैठक 15 जून को होगी। भिलाई इस्पात संयंत्र में 15 हजार से भी अधिक ठेका श्रमिक कार्यरत हैं।

दिल्ली में आज एनजेसीएस सब कमेटी की चौथी बैठक में सेल के अफसरों ने वित्तीय परिणाम का उल्लेख किया। बताया कि सेल ने वित्त वर्ष 21-22 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ लाभ (कर पश्चात लाभ 12015 करोड़ रूपये) हासिल किया है। कंपनी का टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है। अफसरों की इन बातों पर कमेटी के सदस्यों ने तत्काल पूर्ण एनजेसीएस बुताने और सभी बकाया मुद्दों के निराकरण की मांग रखी। इस दौरान एनजेसीएस सदस्यों ने कहा कि इस सकारात्मक परिवर्तन के लिए स्थाई कर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चुनौतियों का सामना करते हुए ठेका कर्मियों का योगदान सराहनीय रहा। ऐसे में उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।

प्रबंधन ने दिया यह प्रस्ताव

बैठक में सेल प्रबंधन ने कहा कि ठेका श्रमिकों के वेतन के विभिन्ना पैमानों के परीक्षण करने के लिए कमेटी बनाई गई है। इसकी अनुशंसाओं को प्रबंधन द्वारा आज की बैठक में रखा गया, इसके आधार पर एडब्ल्यूए (अतिरिक्त कल्याण भत्ता) में 25 फीसद की वृद्धि का प्रस्ताव है। वर्तमान में सेल की अलग-अलग यूनिट में आरआईएनएल में एडब्ल्यूए के रूप में ठेका कर्मियों को मिलने वाली राशि 1750 से 2500 रूपये तक है। प्रबंधन ने 435 से 625 रूपये वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया।

ठेका श्रमिकों की अहम भूमिका

भिलाई इस्पात संयंत्र के कमोबेश सभी विभागों में ठेका श्रमिक हैं। वर्तमान में आधुनिकीकरण परियोजनाओं के तहत बने विभागों में इनकी संख्या ज्यादा है। एक तरह से इन विभागों में वे अहम भूमिका निभा रहे हैं। खासकर बीएसपी के यूनिवर्सल रेल मिल, ब्लास्ट फर्नेस-8, एसएमएस-3 आदि में ठेका श्रमिक कार्यरत हैं और नियमित कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्यरत हैं।

प्रस्ताव को ठुकराया

प्रबंधन के इस प्रस्ताव को सब कमेटी के सदस्यों ने ठुकरा दिया। सदस्यों का कहना था कि उत्पादन में ठेका श्रमिकों के योगदान को देखते हुए उनके लिए उचित सम्मान की मांग की गई। वहीं प्रबंधन की ओर कहा गया कि सेल के विभिन्ना यूनिट में ठेका श्रमिकों के वेतन में असमानता होने के कारण वे पे स्केल का प्रस्ताव नहीं दे सकते। इस पर एनजेसीएस सब कमेटी के सदस्यों ने कहा कि ठेका श्रमिकों के अधिकार के लिए संघर्ष करेंगे। इसके बाद तय हुआ कि अगली बैठक 15 जून को होगी। एसडब्लूएफआई के ललित मोहन मिश्र ने बताया कि प्रबंधन का रवैया उचित नहीं था। कर्मचारी यूनियन ठेका श्रमिकों के लिए नियमित कर्मचारियों के एस-1 ग्रेड के न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। यह वर्तमान में 25 हजार 70 रूपये है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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