भिलाई। Coronavirus: भिलाई में कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने की खबर से भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी विचलित हो गए। रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल के कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर दिया। रेल पटरी उत्पादन रोक दिया। प्रथम और सामान्य पाली के कर्मचारी प्रबंधन को जानकारी देकर घरों की ओर लौट गए। आज सुबह 8:30 बजे रेल मिल कर्मियों ने कोरोना वायरस के खतरे को भांपते हुए आपसी एकजुटता दिखाई।

संयंत्र को हर संभव बचाने का संकल्प लेकर मिल के मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात की। वातावरण से अवगत कराया। कहा कि जान है तो जहान है। रेल मिल हमेशा से नए-नए कीर्तिमान और रिकॉर्ड बनाता रहा है। अभी कर्मियों की जिंदगी बचाना ही सबसे बड़ा काम है।

कर्मियों की जिंदगी बचेगी तो भविष्य में और नए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। अभी हम रोलिंग नहीं कर सकते कहकर उन्हें अवगत कराया। तत्पश्चात रेल मिल के सभी कर्मी अपने अपने घरों को रवाना हुए।

वहीं भिलाई इस्पात संयंत्र के सिंटरिंग प्लांट-3 के भी सभी कर्मियों ने संक्रमण से बचने के के लिए काम बंद कर दिया है। सीटू के नेतृत्व में लॉकडाउन को सफल करने के लिए छुट्टी पर जाने का फैसला लिया।

कर्मियों का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे कर्मियों में भय का माहौल है। आज भी विद्युत और यांत्रिक अनुरक्षण के कर्मी ग्रुप में कार्य कर रहे है जो कि अकेले कर पाना असंभव भी है। कंट्रोल रूम, शिफ्ट रूम आदि जिसमे 24 घंटे कर्मियों का जमावाड़ा रहता है। उसे सेनेटाइज नहीं किया जा रहा। कर्मियों को हैंड सेनिटाइजर नहीं दिया गया है।

कर्मियों में सुरक्षा हेलमेट और दस्ताने को कैसे सेनिटाइज करें। घर जाने पर कैसे अपने आप को साफ करें कि घर के बाकी सदस्य इससे प्रभावित न हो, इन सभी बातों को लेकर कर्मियों में भय का वातावरण था। जो आज खत्म हो गया। प्रबंधन की लापरवाही देखते हुए सभी ने घर मे अपने परिवार के साथ लॉक डाउन में शामिल रहने का निर्णय लिया।

Posted By: Himanshu Sharma