दुर्ग। पिछले दिवाली के बनिस्बत इस दिवाली में वायु प्रदूषण कम रहा। पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक जिले की वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में होना पाया गया। जबकि ध्वनि प्रदूषण के मामले में दुर्ग भिलाई से आगे निकल गया है।

सिटी कोतवाली थाना दु्‌र्ग क्षेत्र में ध्वनि स्तर 76.3 डेसीबल दर्ज किया गया जो 32 बंगला भिलाई, नेहरू आर्ट एंड गैलेरी के समीप सिविक सेंटर की तुलना में अधिक है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष दीपावली पर्व पर जिले में तीन स्थान 32 बंगला भिलाई,नेहरू आर्ट एंड गैलेरी के समीप सिविक सेंटर भिलाई तथा सिटी कोतवाली थाना परिसर दुर्ग में परिवेशीय वायु गुणवत्ता स्तर तथा ध्वनि स्तर का मापन कार्य विभागीय टीम द्वारा किया गया।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दीवाली पर्व में वायु गुणवत्ता स्तर में सकारात्मक सुधार प्राप्त हुए हैं। इस वर्ष दीवाली में पीएम-10 का स्तर 60.3 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब,पीएम-2.5 का स्तर 31.9 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब,सल्फर डाइआक्साइड का स्तर 8.8 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब और नाइट्रोजन के आक्साइड का स्तर 10.7 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब मापा गया।

विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दीवाली में पीएम-10 में 2.2 फीसद,पीएम 2.5 में 2.5 फीसद तथा सल्फर डाइआक्साइड में 2.5 फीसद और नाइट्रोजन के आक्साइड्स में 3.2 फीसद की कमी दर्ज की गई। यह परिवेशीय वायु गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार तथा वायु की बेहतर स्थिति को दर्शाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के अंतर्गत जिले की वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में पाई गई।

दुर्ग में अधिक फूटे पटाखे

पर्यावरण संरक्षण मंडल की रिपोर्ट के मुताबिक भिलाई के बनिस्बत दुर्ग शहर में अधिक पटाखे फूटे हैं। दीपावली पर्व पर ध्वनि स्तर 32 बंगला भिलाई में 62.8 डेसीबल,सिविक सेंटर भिलाई में 71.2 डेसीबल और सिटी कोतवाली थाना परिसर दुर्ग में 76.3 डेसीबल दर्ज किया गया।

इस प्रकार ध्वनि की तीव्रता 32 बंगला भिलाई क्षेत्र में न्यूनतम तथा सिटी कोतवाली थाना दुर्ग क्षेत्र में अधिकतम पाई गई है। वैसे भी गत वर्ष की तुलना में इस साल पटाखों की आवाज कम सुनाई पड़ी है।

वाहन भी कम चले

दीपावली त्योहार पर लक्ष्‌मी पूजा के दिन वाहनों का आवागमन भी कम ही देखने को मिला। आम दिनों के बनिस्बत इस दिन बड़ी गाड़ियां कम चली। वहीं कुछ कल कारखाने में अवकाश की वजह से काम काज भी बंद रहा। इन सबका असर भी वायु प्रदूषण पर देखने को मिलता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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