भिलाई। स्मृति नगर में जल्द ही 200 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी ईएसआईसी अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। 99 करोड़ की लागत से बन रहे इस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल के निर्माण से भिलाई के 50 हजार ईएसआईसी कार्डधारी मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।

2016 में ईएसआईसी अस्पताल के लिए केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। छत्तीसगढ़ में चार स्थानों पर अस्पताल के लिए एक साथ मंजूरी मिली थी। जिसमें रायपुर, कोरबा, रायगढ़ व भिलाई शामिल है। ये सभी औद्योगिक क्षेत्र वाले नगर हैं। यहां कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कार्डधारी सबसे ज्यादा हैं। अकेले भिलाई में इसकी संख्या 50 हजार है। इन अस्पतालों में कार्ड दिखाने पर कैशलेस उपचार होगा।

21 हजार से कम मासिक वेतन वालों को इसका लाभ मिलेगा। भिलाई में अस्पताल निर्माण का कार्य 50 प्रतिशत तक हो चुका है। कहा जा रहा है कि एक साल के भीतर यह अस्पताल अस्तित्व में आ जाएगा।

विवादों में रहा स्थल

स्मृति नगर में 4 अप्रैल 2016 को अस्पताल निर्माण के लिए भूमिपूजन हुआ, परन्तु ठेका एजेंसी ने निर्माण के लिए मना कर दिया। दरअसल ठेका एजेंसी को एक मुश्त पांच एकड़ खाली जमीन चाहिए थी। जबकि जिस स्थल को चयनित किया गया वहां दो मंदिर और एक शौचालय बना हुआ था तथा कुछ हिस्सा पास के एक निजी स्कूल के कब्जे में है, जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है।

जिला प्रशासन की पहल के बाद मंदिर निर्माण करने वाले लोग मंदिर हटाने के लिए तैयार हुए, तथा निगम व जिला प्रशासन द्वारा पूरा पांच एकड़ जमीन दिए जाने के बाद ठेका एजेंसी ने काम शुरू किया। काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

ये होगी सुविधाएं

इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक लैब, ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर, सिटी स्कैन, अत्याधुनिक मशीनें, आपरेशन थियेटर सब कुछ होगा। एक बार बीमार व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होगी तो उसकी सभी तरह की जांच वहीं होगी तथा उसका पूरा इलाज होगा।

इसे मेडिकल कालेज बनाए जाने को लेकर एक ही स्थिति है कि यदि राज्य सरकार चाहे तो। राज्य सरकार चाहे तो केंद्र सरकार से इसे मेडिकल कालेज बनाने की मांग कर सकती है। अस्पताल के साथ-साथ यहां स्टाफ क्वाटर भी बनाया जाएगा।

इन्हें मिलेगा फायदा

भिलाई में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 50 हजार कार्डधारी हैं। इसमें बीएसपी के ठेका श्रमिक, एचएससीएल, एसीसी, तथा उद्योगों के श्रमिक, नगर निगम व निजी संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों को भी लाभ मिलेगा।

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काम तेज गति से जारी है। पांच एकड़ जमीन एक मुश्त मिल जाती तो संभवतः अब तक निर्माण पूरा हो जाता। फिर भी एक साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।

-सुनील अग्रहरि, जोन आयुक्त

जोन एक नेहरू नगर, भिलाई

Posted By: Nai Dunia News Network

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