भिलाई। चरोदा स्थित देवबलौदा में मतांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। रविवार को यहां स्थित चर्च में पांच हिंदू परिवारों के 20 लोगों को मतांतरण कराया जा रहा था। जिसमें हिंदू परिवार के लोगों ने इसाई धर्म स्वीकार भी कर लिया था।

बाद में गंगाजल पिलाकर पांचों परिवारों को हिंदू धर्म में वापस लाया गया। पकड़ी गई तीन महिलाओं में से एक सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्य,दूसरी शिक्षिका व एक अन्य महिला विधवा महिला हैं जो यहां नही रहती दूसरी जगह उरला से इसी काम के लिए यहां आई थी।

बताया गया कि हर रविवार को देवबलौदा में गरीबों को चर्च बुलाया जाता था। इसकी भनक स्थानीय लोगों को लग गई। यह खबर भी पक्की हो गई कि चर्च में मतांतरण कराया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना आरएसएस व पुलिस को दी। सूचना पर आरएसएस के डा. विशाल चंद्राकर, ज्योति शर्मा, अरुण शर्मा, सत्या शर्मा, राजेश विज, मनीष झा, विनोद देवांगन, रंजन सिंह, पार्षद पार्थो घोष, दिलीप साहू, डिकेश वर्मा, रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में धर्मजागरण मंच, विहिप, बजरंग दल के लोग मौके पर पहुंच गए। जैसे ही आरएसएस, लोकल पुलिस व जीआरपी चरोदा के जवान चर्च पहुंचे, खुर्सीपार भिलाई निवासी पास्टर प्रमोद को इसकी भनक लग गई। वह चर्च के पीछे के दरवाजे से भाग निकला।

पास्टर की तलाश

पुलिस ने पास्टर प्रमोद की कार जब्त कर ली है। उसकी तलाश की जा रही है। वहीं मौके से इसाई धर्म संबंधी विभिन्ना सामाग्री के साथ तीन महिलाएं रीतू साहू (उरला), पदमा महानंद व संगीता बाघ पकड़ी गई।

बताया गया कि ये तीनों महिलाओं ने तीन महीने पहले ही मतांतरण किया है। इसमें से पदमा महानंद व संगीता बाघ तो देवबलौदा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षिका है। बता दें कि सरस्वती शिशु मंदिर को आरएसएस द्वारा संचालित किया जाता है।

फिलहाल तीनों महिलाओं से पुलिस पूछताछ कर रही है। लोगों को मतांतरित कराए जाने में पास्टर प्रमोद के साथ-साथ उरला निवासी रीतू साहू की बड़ी भूमिका सामने आ रही है।

हिंदू परिवारों को भड़काया जा रहा

धर्मांतरित हुए पांच परिवारों को डा.विशाल चंद्राकर ने हिंदू धर्म में वापसी कराई। पांचों परिवारों ने बताया कि लाकडाउन के दौरान यह लोग रोज आते थे। प्रलोभन देते थे, तथा शांति मिलने की बात कहते थे।

बहरहाल इस मामले को लेकर देवबलौदा व उरला में खासा हड़कंप मचा हुआ है। पीड़ित परिवारों ने कहा कि उन्हें बीते तीन चार महीने से लगातार प्रलोभन दिया जा रहा था।

दूसरे धर्म में शांति और तरक्की की बात कही जा रही थी। यह भी कहा गया कि लाकडाउन में हिंदू धर्म या उनके समाज ने क्या दिया। इस तरह की बात कर हिंदू परिवारों को भड़काया जा रहा था।

बड़ी मात्रा में पुस्तक व अन्य सामाग्री जब्त

छापेमारी के दौरान तीनों महिलाओं के पास से बड़ी मात्रा में बाइबिल तथा इसाई धर्म से संबंधित अन्य सामाग्री जब्त की गई। जब्त बाइबिल को संघ के लोगों ने आग के हवाले कर दिया। शेष सामान को पुलिस ने जब्त किया है। आरएसएस के मनीष झा ने बताया कि सूचना है कि गांव में बहुत से लोग मतांतरित हुए है। ऐसे लोगों को हिंदू धर्म में वापस लाया जाएगा।

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आप अपने धर्म का प्रचार प्रसार कीजिए, पर दूसरे धर्म के लोगों की गरीबी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें मतांतरित किया जाना गलत है। देवबलौदा में और ऐसे परिवारों की तलाश की जा रही है, जिन्होंने किसी प्रलोभन में आकर मतांतरण कर लिया हो। उन्हें भी हिंदू धर्म में वापस लाया जाएगा।

-डा. विशाल चंद्राकर, वरिष्ठ भाजपा नेता

देवबलौदा (भिलाई चरोदा)

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किसी के खिलाफ कोई अपराध दर्ज नही किया गया है।पूरी घटना की जा नकारी हमारे पास आई थी। यहां पर पकड़ गई महिलाओं को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।

-महेन्द्र पांडेय, प्रभारी जीआरपी थाना चरौदा

Posted By: Nai Dunia News Network

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