भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के कोल केमिकल प्लांट-3 में गैस लीकेज हो गया। खतरे की घंटी बजते ही विभाग में हडकंप मच गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने हादसा टालने का प्रयास किया परंतु सफल न होने पर अपनी जान बचाने भागे।

इस दौरान कुद लोग गैस लगने से अचेत हो गए तो कुछ सकुशल बच गए। जानकारी लगते ही एनडीआरएफ, सीआइएसएफ एवं बीएसपी का फायर ब्रिगेड, सेफ्टी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, ऊर्जा प्रबंधन विभाग, आक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेस विभाग, सिविल डिफेन्स विभाग सक्रिय हो गया।

अल्प समय में ही सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर काबू पाने के साथ ही भीतर फंसे हताहतों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार कर एम्बुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल भिजवाया। घटना से अन्य विभाग के कर्मी भी दहशत में आ गए थे। बाद में बताया गया कि यह सब संयुक्त अभ्यास का हिस्सा था। इसके बाद कर्मियों ने राहत की सांस ली।

भिलाई इस्पात संयंत्र के कोल केमिकल प्लांट-3 में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ), सीआइएसएफ एवं बीएसपी द्वारा संयुक्त रूप से आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने, दुर्घटना के दौरान बचाव कार्य से लेकर दुर्घटना पर काबू पाने जैसे कार्यों को बखूबी अंजाम देते हुए अभ्यास किया।

संयंत्र में प्रत्येक विभाग में आकस्मिक आपदा से निपटने प्रोटोकाल बनाये गए हैं। इस प्रोटोकाल के जांच के लिए अभ्यास का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस की गोपनीयता बनाई रखी जाती है। जिससे घटना की गंभीरता को प्रोटोकाल के अनुरूप की जाने वाली कार्रवाई को सही रूप में परखा जा सके।

इस डिजास्टर मैनेजमेंट के अभ्यास के दौरान कोल केमिकल प्लांट-3 में कोक ओवन गैस के लीकेज होते ही आपात स्थिति निर्मित हुई और इंसीडेंट कंट्रोलर के रूप में महाप्रबंधक आनंद शुक्ला ने इंसीडेंट कंट्रोलर के रूप में सीजीएम (कोकओवन) एवं मुख्य इंसीडेंट कंट्रोलर राजीव श्रीवास्तव को घटना की जानकारी दी। साथ ही तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचना दी व स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गये।

कोक ओवन गैस के लीकेज पर नियंत्रण पाने फायर ब्रिगेड के वाहनों द्वारा लगातार स्प्रे करते हुए स्थिति पर काबू पाया गया। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ टीम व फायर ब्रिगेड टीम ने प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के साथ ही उन्हें प्राथमिक उपचार की सुविधा दी। इसके अतिरिक्त सूचना के आदान-प्रदान व समन्वय के विभिन्ना पहलुओं को भी जांचा-परखा गया।

अभ्यास में उन सभी गतिविधियों की क्लोज मानीटरिंग की गई और इस दौरान विभिन्ना खामियों को भी नोट किया गया। इस सम्पूर्ण अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय होने वाले आपाधापी व अफरा-तफरी से कैसे बचा जाये। विभिन्ना एजेंसियों का रिस्पांस टाइम, संबंधित विभागों का आपसी समन्वय, लोगों तथा वाहनों की आवाजाही का गहन अध्ययन किया गया।

यह थे मौजूद

आपदा प्रबंधन अभ्यास के दौरान जिले के पुलिस अधीक्षक डा अभिषेक पल्लव, एनडीआरएफ के भिलाई इकाई के प्रमुख विश्वनाथ चौधरी, उप निदेशक आषुतोष पाण्डेय, सीआइएसएफ के कमांडेंट एसके बाजपेयी तथा संयंत्र के कार्यपालक निदेशक एके भट्टा, अंजनी कुमार सहित अन्य थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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