भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र-बीएसपी के कर्मचारियों का 50 लाख और ठेका श्रमिकों का 20 लाख का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराने की मांग अब पूरी होने वाली है। प्रबंधन ने इसे जल्द लागू करने का संकेत दे दिया है। भारतीय इस्पात प्राधिकरण-सेल की इकाई इस्को बर्नपुर संयंत्र में सामूहिक दुर्घटना बीमा का लाभ कार्मिकों को मिल रहा है। इसी फार्मूले को भिलाई इस्पात संयंत्र में भी लागू करने की मांग जोर पकड़ रही थी, जिस पर प्रबंधन ने अध्ययन कर जल्द ही लागू करने की ओर इशारा कर दिया है।

स्टील इम्प्लाइज यूनियन इंटक ने कर्मचारियों एवं ठेका श्रमिकों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा का मुद्दा पिछले दिनों उठाया था। इसको हल कराने के लिए यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) से मिला। इंटक यूनियन के पदाधिकारियों ने इस्को बर्नपुर संयंत्र सहित कई इकाइयों में सामूहिक दुर्घटना बीमा का उदाहरण दिया।

इस पर प्रबंधन ने सकारात्मक पहल करते हुए अन्य संयंत्रों से पेपर मंगाकर अध्ययन कर इसे जल्द लागू करने का आश्वासन दिया। बैठक में प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक प्रभारी (कार्मिक एवं प्रशासन) निशा सोनी, महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध सूरज सोनी और यूनियन की ओर से वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूरन वर्मा, अतिरिक्त महासचिव संजय साहू, उप महासचिव पीवी राव, वंश बहादुर सिंह उपस्थित रहे।

मृत्यु या पूर्ण अपंगता से आर्थिक संकट झेलता है पीड़ित परिवार

अतिरिक्त महासचिव संजय साहू का कहना है कि आज के मशीनरी युग में कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण अपंगता के केस सामने आ रहे हैं। पीड़ित परिवार आर्थिक संकट से जूझने लगता है। इसलिए कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा होना चाहिए। इस विषय पर संयंत्र प्रबंधन से लगातार चर्चा चल रही है। पूर्व में चल रहे बीमा में सुधार कर एक नया सामूहिक दुर्घटना बीमा कराने की मांग की गई है, जिस पर जल्द ही अमल होने वाला है।

उत्पादन में ठेका मजदूरों का योगदान भी बराबर

भिलाई इस्पात संयंत्र में सुचारू रूप से उत्पादन-उत्पादकता एवं लाभार्जन को बनाए रखने के लिए नियमित कर्मचारियों के साथ ठेका श्रमिकों का भी बराबरी का योगदान है। नियमित कर्मचारियों से ज्यादा ठेका मजदूरों की संख्या संयंत्र में है। संयंत्र में आए दिन ठेका श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण अपंगता की घटना घट रही है। ठेका श्रमिकों को हक दिलाने के लिए यूनियन और प्रबंधन एवं ठेकेदारों के बीच बार-बार विवाद की स्थिति निर्मित होती है। इंटक ने ठेका श्रमिकों के आश्रितों को संयंत्र में नौकरी एवं 20 लाख रुपए का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराने के लिए प्रबंधन एवं ठेकेदारों से प्रयास कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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