Issue In BSP News: भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के बोरिया गेट पर प्रवेश और निकास द्वार पर दो पहिया वाहन की गति को कम करने के लिए प्रबंधन द्वारा लोहे के पाइप लगाकर बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं। जिसके बाद कर्मचारियों को आने-जाने के वक्त भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के गिरकर घायल होने की संभावनाएं भी बढ़ गई है। बहुत ऊंचा स्पीड ब्रेकर होने से कर्मचारियों की गाड़ियां आपस में टकरा भी रही है।

सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी लगातार बोरिया गेट पर कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक कंट्रोल में व्यस्त रहते हैं । जहां संयंत्र में प्रवेश और निकास के दौरान हाल ही में बनी खतरनाक परिस्थिति को लेकर कर्मचारी शिकायत भी कर रहे हैं । वही यूनियन प्रतिनिधियों ने भी इस पर आपत्ति जताई है।

मोटरसाइकिल प्रवेश गेट क्रमांक 1 और 2 के सामने पाइप वाले स्पीड ब्रेकर जमीन से करीब 18 से 20 इंच तक ऊपर है। यह ब्रेकर भी पूरी गैलरी में नहीं बना है । ऐसे में यदि किसी कर्मचारी को ब्रेकर के ऊपर ही गाड़ी रोकनी पड़ती है तो ऐसे में वहां स्लिप होकर घायल होने की आशंका बहुत ज्यादा है । ज्यादा हाइट के चलते यूनियन प्रतिनिधि इसे रोलर कोस्टर तक का नाम दे रहे हैं।

वाहन की गति को सीमित करने बनाए जाने वाले स्पीड ब्रेकर के लिए इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइन के अनुसार स्पीड ब्रेकर की अधिकतम ऊंचाई 4 इंच हो सकती है । स्पीड ब्रेकर के दोनों ओर 2-2 मीटर का स्लोप दिया जाए ताकि वाहन स्लो होकर बगैर झटका खाए निकल जाए। कर्मचारियों का कहना है कि 6 से 8 इंच तक ऊंचाई वाले और बगैर स्लोप के ब्रेकर नहीं बनाए जाना चाहिए । स्पीड ब्रेकर के पहले चेतावनी चि- लगे होने चाहिए। साथ ही ब्रेकर में सफेद या पीला पेंट एवं रेडियम होना चाहिए, जिससे दिन एवं रात में ब्रेकर दूर से ही वाहन चालकों को नजर आ जाए। लाइट की समुचित व्यवस्था हो।

संयंत्र के निकास द्वार पर गेट के बाहर भी इसी तरह का स्पीड ब्रेकर बनाया गया है। जिसमें किसी भी तरह का स्लोप नहीं है । ऐसे में पंचर या खराब हो चुकी गाड़ी को कर्मचारी को सुधारकर बाहर लाते समय स्पीड ब्रेकर पार करने अन्य सहकर्मियों से मदद की गुहार लगानी पड़ती है। संयंत्र गेट के बाहर बने इस स्पीड ब्रेकर के औचित्य पर भी श्रमिक सवाल खड़ा कर रहे है।

बोरिया गेट के पूर्व मेनगेट पर भी इसी तरह के स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे। जिसको लेकर हंगामे की स्थिति तक बन गई थी । वह स्पीड ब्रेकर भी इतने ऊंचे थे कि कार का निचला हिस्सा टकरा जाता था। श्रमिक संगठनों के हंगामे के बाद उसे सड़क से ऊंचा करके सामान्य किया गया । मेन गेट के अनुभव के बावजूद विभाग द्वारा बोरिया गेट पर फिर उसी तरह का स्पीड ब्रेकर बनाना भी समझ से परे है।

एचएस मिश्रा, अध्यक्ष एचएमएस भिलाई ने कहा कि बीएसपी के बोरिया गेट पर बनाया स्पीड ब्रेकर कर्मचारियों के खतरनाक साबित हो रहा है।यहां पर कर्मचारी गिरकर घायल हो रहे है। इसे जल्द हटाया जाना चाहिए है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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