भिलाई। देश की नवरत्न कंपनियों में शामिल सेल के भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण की चर्चाओं के बीच जिंदल स्टील के प्रमुख नवीन जिंदल व उनकी टीम गुरुवार को अचानक भिलाई पहुंची। जिंदल की टीम ने भिलाई स्टील प्लांट का जायजा लिया। इससे सैकडों कर्मचारियों में खलबली मच गई।

चर्चा यह भी होने लगी कि निजी क्षेत्र की प्रतिद्वंद्वी कंपनी को अपनी तकनीकी, उत्पादन प्रक्रिया, मैनपॉवर, कामकाज, कार्य संस्कृति, सेफ्टी आदि को जानने समझने का मौका आखिर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया या बीएसपी प्रबंधन ने कैसे एवं किन कारणों से दे दिया।

सेल इकाइयों पर मंडरा रहे निजीकरण के खतरे से इस दौरे को जोड़कर देखा जाने लगा है। हालांकि बीएसपी प्रबंधन पहले इस मामले भी कुछ भी कहने से बचता रहा। चर्चा बढ़ती देख प्रबंधन ने यह जरूर कहा कि यह महज एक अनौपचारिक भ्रमण था।

जिंदल का तकनीकी पक्ष कमजोर है बीएसपी से

इधर, लोकसभा में इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान रेलवे के ऑर्डर को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। रेलवे और इस्पात मंत्रालय के सवाल पर चर्चा हो रही है। रेल पटरी की गुणवत्ता से समझौता न करने की बात रेलवे बोल चुका है। जबकि जिंदल स्टील प्लांट की रेल पटरी की गुणवत्ता बीएसपी से कमजोर बताई जा रही है।

वहां पटरी प्रोडक्शन के दौरान रिजेक्शन का औसत ज्यादा बताया जा रहा है। इसलिए क्वालिटी और बेहतर करने की कवायद की जा रही है। रेलवे से ज्यादा ऑर्डर लिए जा सकें, इस पर निजी कंपनियों का भी फोकस है।

रेलवे और ईरान का ऑर्डर बीएसपी से छीन चुकी है जिंदल कंपनी

जानकार बता रहे हैं कि जिंदल की वजह से ही बीएसपी को अपना ऑर्डर खोना पड़ा है। बीएसपी के एकाध्ािकार पर चोट पहुंचाते हुए ईरान और रेलवे का ऑर्डर जिंदल लगातार ले रहे हैं। पिछले साल तक करीब दो लाख टन रेल पटरी जिंदल रेलवे को भेज चुका है।

इस साल करीब 80 हजार टन का ऑर्डर मिला हुआ है। देश में अब तक सिर्फ बीएसपी ही रेल पटरी की सप्लाई रेलवे को करती रही है। ऐसे कारोबारी खींचतान के माहौल के बीच प्लांट में जिंदल के आने की खबर से हर कोई हैरान है।

सीएम की मां को श्रद्धांजलि देने गए जिंदल

गुरुवार को उद्योगपति नवीन जिंदल व उनकी टीम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पहुंची। बघेल की माता के निधन पर जिंदल टीम ने श्रद्धांजलि दी। नवीन जिंदल के साथ 10 सदस्यीय टीम पहुंची थी।

संयुक्त रूप से विरोध करेंगे

जिंदल स्टील प्लांट की टीम का दौरा हैरान करने वाला है। इसका मकसद क्या है, पता लगाया जा रहा है। अगर बीएसपी की इकाइयों को निजी हाथों में देने की सोच से दौरा हुआ है, तो कर्मचारी संयुक्त रूप से विरोध करेंगे।

डीवीएस रेड्डी, महासचिव सीटू