भिलाई। स्टील अथारिटी इंडिया लिमिटेड सेल द्वारा भारतीय रेलवे को सप्लाई की जा रही रेल पटरियों के संबंध में वाईएसआरसी पार्टी के राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह से सवाल पूछा था ।

अपने सवाल में नाथवानी ने पूछा कि सेल , भारतीय रेल को रेल की आपूर्ति करने में असमर्थ क्यों है ? सेल ने भारतीय रेल की मांगो को पूरा करने के लिए क्या - क्या कदम उठाया है। सेल की इ्‌काई भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ही रेलवे को हर तरह की रेल पटरियों की आपूर्ति की जाती है। वही विशेष गुणवत्ता यानी हेड हार्डन रेल का उत्पादन शुरू न होने से बीएसपी को करोड़ों रूपये का नुकसान हो रहा है।

सासंद नाथवानी के जवाब मे इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह ने राज्यसभा में बताया कि सेल, भारतीय रेल की मांगों के अनुरुप रेल की आपूर्ति कर रही है । भारतीय रेल ने ग्रेड 880 के स्थान पर आर 260 रेल, यूआईसी 60 प्रोफाइल की जगह 60 इ-1 प्रोफाइल , 260 मीटर लंबे रेल पैनल रेल का डिमांड किया था । जिसे सेल ने समय - समय पर आपूर्ति किया है। यह रेल भिलाई इस्पात सयंत्र के यूनिवर्सल रेल मिल में उत्पादित की जा रही है।

भिलाई इस्पात सयंत्र देश मे रेलवे को पटरियां सप्लाई करने वाली प्रमुख इकाई है । अब भारतीय रेल विगत तीन साल से 1175 हेड हार्डन रेल की डिमांड कर रहा है । जिसकी औसतन प्रत्येक साल दो लाख टन की डिमांड है लेकिन सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र में अभी तक हेड हार्डन रेल का सफल ट्रायल भी नही हो पाया है । मार्च 2021 में आस्ट्रीया की टीम हेड हार्डन रेल के ट्रायल के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के यूआरएम में आई थी , ट्रायल के दौरान ही कोविड लाकडाउन का आदेश आने के कारण आस्ट्रीयाई टीम अपने स्वदेश लौट गई । जिसके कारण उत्पादन शुरू नही हो पाया है ।

वित्तीय वर्ष 20-21 की पहली तीमाही में सेल 260 मीटर लक्ष्‌य के अनुरुप आपूर्ति नही कर पाया है , जिसके कारण बची तिमाही में मांग के अनुरुप आपूर्ति करने का काफी दवाब रहेगा। सेल अब तक इस वर्ष 9 लाख 40 हजार टन की मांग में से पहले तिमाही में मात्र एक लाख 41 हजार टन आर 260 प्रोफ़ाइल पटरी सप्लाई कर पाया है । बची हुई तीन तिमाही में अब प्रोडक्शन का दबाव बना रहेगा।

इस्पात मंत्री ने संसद मे यह भी बताया कि भारतीय रेल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भिलाई मे 1.2 एमटीपी क्षमता की यूनिवर्सल रेल मिल की स्थापना की गई है । वहीं सेल भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा हेड हार्डन रेल के उत्पादन में पिछड़ने का फायदा निजी क्षेत्र की जिंदल स्टील प्राईवेट लिमिटेड रायगढ़ उठा रही है । भारत में एकमात्र वही कंपनी है जो हेड हार्डन रेल का उत्पादन कर रही है । उच्च गुणवत्ता के कारण, भविष्य में भारतीय रेल के द्वारा हेड हार्डन रेल ही उपयोग में लाया जाएगा । इसलिए भिलाई प्रबंधन जल्द से जल्द हेड हार्डन रेल का उत्पादन शुरु करना होगा । प्रतिवर्ष दो लाख टन का डिमांड की आपूर्ति करने से ही भिलाई इस्पात संयंत्र के मुनाफे में बड़ी वृद्धि हो सकती है क्योंकि हेड हार्डन रेल का बाजार मूल्य , सामान्य रेल के मुकाबले डेढ़ गुणा अधिक है ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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