भिलाई। स्टील मेटल इंजीनियरिंग वर्कर्स फेडरेशन आफ इंडिया (स्मेफी) ने कारखानों में असुरिक्षत कामकाज का विरोध करने का फैसला लिया है। बकायदा दिशा-निर्देश जारी किया गया है। दिशा-निर्देशों पर आधारित पुस्तिका जारी की गई है। इसमें कामकाज को लेकर कई सुझाव दिए गए हैं।

स्मेफी अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन इंडस्ट्री आल ग्लोबल यूनियन से संबद्घ है। भिलाई श्रमिक सभा एचएमएस के पदाधिकारी भी स्मेफी के सदस्य एवं पदाधिकारी हैं। एचएमएच के महासचिव प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि वर्तमान में इस संगठन द्वारा सुरक्षा पर एक निर्देशिका पुस्तिका जारी की गई है। इस पुस्तिका के अनुसार असुरक्षित कार्य के लिए मना करने या बंद करने के अधिकार पर बात कही गई है। इस पुस्तिका को भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों के बीच वितरित किया जाएगा।

पुस्तिका के अनुसार देश में असुरक्षित कार्य मना करने या बंद करने का कानूनी अधिकार नहीं होता है। हालांकि हमारे पास असुरक्षित कार्य बंद करने या मना करने का नैतिक अधिकार होता है। भिलाई इस्पात संयंत्र में तो असुरक्षित कार्य को रोकने के लिए नियम बनाए गए हैं, लेकिन पूरी तरह नियम का पालन नहीं किया जाता है। आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। छोटी दुर्घटनाओं पर प्रबंधन पर्दा डालने के लिए इंज्युरी फार्म तक नहीं भरवाता। दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारी के साथ समझौता कर उसे कुछ दिनों के लिए घर बैठे हाजिरी दे दी जाती है। यदि कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हो तो जल्द से जल्द डिस्चार्ज करने के लिए प्रबंधन द्वारा दबाव बनाया जाता है। फिट सर्टिफिकेट दिलाकर कर्मचारी को घर बैठे हाजिरी दी जाती है। अथवा बिना कार्य के हाजिरी देकर प्लांट आने और जाने दिया जाता है। कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए यह पुस्तिका जारी की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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