भिलाई। दुर्ग जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की तैयारी भी तेज हो गई है। गार्बेज फ्री सिटी, स्टार रेटिंग के अंतर्गत ओडीएफ प्लस-प्लस को देखते हुए भारत सरकार द्वारा जारी टूलकिट के अनुसार काम किया जाना है।

इसके लिए सार्वजनिक, सामुदायिक शौचालयों में आवश्यक व्यवस्था, तालाबों के आसपास के क्षेत्रों की सघन सफाई, बैरन एरिया, खुले मैदान, ओडी स्पाट, नालियों की सफाई, नाली में जाली, सैप्टिक टैंक की सफाई इत्यादि ओडीएफ प्लस-प्लस के प्रोटोकाल के तहत काम करना है।

बता दें कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 कुल 7500 अंकों की प्रतियोगिता के साथ आयोजित होगी। इसमें सर्विस लेवल प्रोग्राम के तहत तीन हजार अंक, वाटर प्लस के तहत एक हजार अंक, जीएफसी के तहत 1250 अंक एवं सिटीजन फीडबैक में 2250 अंक निर्धारित है।

इसमें सार्वजनिक सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, डोर टू डोर कचरा संग्रहण, कचरे का निष्पादन, एसएलआरएम सेंटर में गीले कचरे से खाद निर्माण आदि को प्राथमिकता के तौर पर रखा गया है।

इस बार इंदौर जैसा बनने का संकल्प

भिलाई निगम 2016-17 से स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा लेता आ रहा है। भिलाई ने अब तक 2016-17- देशभर में 52 वां स्थान, 2017-18-देश भर में 74 वां स्थान,2018-19 देश भर में 11 वां स्थान ,2019-20 देश भर में 34 वां स्थान,2020-21 देश भर में 29 वां स्थान प्राप्त हुआ था।

2019 में शहर की सफाई को लेकर आनलाइन फीडबैक में भिलाई ने मेट्रो सिटी दिल्ली, पुणे, उज्जैन को पीछे छोड़ दिया था। 4640 लोगों के फीडबैक के साथ भिलाई तीन से पांच लाख की आबादी वाले ग्रुप-सी के 12 शहरों में पहले नंबर पर है।

केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम की रिपोर्ट पर भिलाई लगातार तीसरी बार ओडीएफ प्लस-प्लस सिटी घोषित हुआ है। भिलाई में 1350 सफाई कामगार है। यह सफाई ठेका एजेंसी द्वारा संचालित की जाती है। भिलाई में हर महीने 45 हजार टन गीला व सूखा कचरा निकलता है। भिलाई में 12 एसएलआरएम सेंटर है, जहां हर महीने गीले कचरे से नौ लाख रुपये का खाद बनाकर बेचा जाता है। भिलाई निगम ने इस बार इंदौर को पछाड़ने का संकल्प लिया है।

दुर्ग निगम से हर दिन 80 टन निकलता है कचरा

दुर्ग निगम में रि-साइकिलिंग, रि-ड्यूस और रि-यूज के सिद्धांत के तहत वेस्ट मैनेजमेंट का काम किया जा रहा। इसके तहत घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग लिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। निगम क्षेत्र में औसत हर दिन 80 टन से अधिक कचरा निकलता है। जिसमें 48 टन गीला और 32 टन सूखा कचरा होता है। इस कचरे के निष्पादन का कार्य 10 एसएलआरएम सेंटरों में किया जाता है।

कचरे को वार्डों से सेंटर तक पहुंचाने के लिए 30 आटो टिप्पर, 42 इ रिक्शा, 181 मैनुअल रिक्शा और सात हाइवा का उपयोग किया जाता है। इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग के 1400 कर्मचारी लगाए गए हैं। दुर्ग निगम में 48 टन गीले कचरे का प्रतिदिन खाद बनाया जाता है।

जिससे औसतन प्रतिमाह 180 टन खाद का निर्माण हो रहा है। प्रतिमाह दो लाख से अधिक का खाद बेचा जा रहा है। इसके अलावा कचरे से निकलने वाले कबाड़ से भी निगम को तीन लाख का मुनाफा हो रहा है। शहर से प्रतिदिन 32 टन निकलने वाले सूखे कचरे से तीन लाख से अधिक की आमदनी हो रही है। दुर्ग निगम भी ओडीएफ प्लस प्लस तथा स्टार रेटिंग में शामिल हो चुका है।

रिसाली, नया निगम, नया संकल्प

रिसाली निगम नया निगम है। 26 दिसंबर 2019 को अस्तित्व में आया है। 2020 में इसने स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा लेना शुरू किया। 2021-22 के स्वच्छता सर्वेक्षण में रिसाली निगम ओडीएफ प्लस-प्लस घोषित किया गया। साथ ही सेवन स्टार रेटिंग में भी शामिल हुआ। रिसाली निगम को कचरा प्रबंधन के मामले में जिले के सभी निकायों से बेहतर माना गया। रिसाली निगम में 250 सफाई कामगार है।

यहां से रोज 21 सौ टन सूखा व गीला कचरा निकलता है।13 सौ टन गीले कचरे से खाद बनाया जाता है। सूखे कचरे को रि-साइकिलिंग की जाती है। रिसाली निगम में चार एसएलआरएम सेंटर है। जहां हर महीने दो सौ टन खाद बनाया जाता है। भिलाई निगम ने बेहतर कचरा प्रबंधन तथा सार्वजनिक सफाई में जबरदस्त प्रदर्शन कर सेवन स्टार रेटिंग हासिल किया था। कम समय में इसे बड़ी उपलब्धि माना गया था।

भिलाई चरोदा निगम

भिलाई चरोदा निगम की भौगोलिक स्थित सबसे अलग है। इस निगम में आधा ग्रामीण वार्ड है तो आधा शहरी वार्ड। फैला हुआ भूभाग होने के कारण सफाई में काफी दिक्कत आती है। भिलाई चरोदा निगम में सफाई कार्य निगम द्वारा ही संचालित किया जाता है। यहां 330 सफाई कामगार है। जिसमें से 150 सार्वजनिक सफाई का काम करता है तो 180 कर्मचारी डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए रखे गए हैं।

भिलाई चरोदा निगम में 10 एसएलआरएम सेंटर है। चरोदा निगम में 11 टन गीला कचरा तथा डेढ़ टन सूखा कचरा निकलता है। सूखा कचरे को यहां भी खाद बनाना जाता है। सूखे कचरे को रि साइकिलिंग की जाती है। कम संसाधन के बावजूद भिलाई चरोदा निगम बीते दो सालों से सफाई व्यवस्था में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

भिलाई चरोदा निगम बीते दो सालों से लगातार ओडीएफ प्लस-प्लस घोषित होता आ रहा है। पब्लिक फीडबैक में भी भिलाई चरोदा निगम की जनता ने सफाई को लेकर जागरुकता दिखाई है। भिलाई चरोदा निगम ने भी इस बार छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर को पछाड़ने का संकल्प ले रखा है।

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-निगम परिवार ने 2022 में भिलाई को नंबर वन बनाने का संकल्प लिया है। कार्ययोजना बनाकर बेहतर काम किया जा रहा है।

-प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त नगर निगम भिलाई

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-हम तो पूरे साल सफाई पर फोकस करते हैं। जनता को जोड़कर 2022 के अभियान को और गति दी जा रही है।

-हरेश मंडावी, आयुक्त नगर निगम दुर्ग

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-आम जनता की सहभागिता के साथ भिलाई चरोदा निगम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 2022 में और बेहतर परिणाम आएगा।

-कीर्तिमान सिंह राठौर, आयुक्त नगर निगम भिलाई चरोदा

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-नया होने के बावजूद रिसाली निगम द्वारा जिस तरीके से सफाई को लेकर काम किया जा रहा है, निश्चित रुप से इस बार रिसाली चौकाने वाला परिणाम देगा।

-आशीष देवांगन, आयुक्त नगर निगम रिसाली

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Posted By: Nai Dunia News Network

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