दुर्ग। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तिथि भले ही आगे बढ़ गई, लेकिन खाद्य विभाग द्वारा खरीदी को लेकर तैयारी अभी भी जारी है। विभाग द्वारा धान कोचियों पर नजर रखने टीम बनाई जा रही है। राज्य सरकार ने धान खरीदी की तिथि एक दिसंबर तक आगे बढ़ा दी है। वहीं अर्ली व्हेरायटी की धान बोने वाले किसानों ने फसल की कटाई शुरू कर दी है। फसल कटाई कर रखने वाले किसान मौसम की बेरुखी को लेकर भी चिंतित हैं। आम तौर पर जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी नवंबर महीने में होती रही है।

इसे ध्यान में रखते हुए किसान फसल कटाई करते हैं ताकि वे धान सीधे समितियों में ले जाकर बेच सकें। लेकिन सरकार द्वारा खरीदी की तिथि आगे बढ़ाने से ऐसे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। समय पर धान नहीं बिकने पर किसानों को उसकी सुरक्षा के लिए बारदाना व अन्य संसाधनों में पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

ऐसे किसान जरूरत के हिसाब से कोचियों के पास भी धान बेच सकते हैं। इधर प्रशासन द्वारा कोचियों का धान समितियों में ना बिके इसे ध्यान में रखते हुए निगरानी के लिए टीम बनाई जा रही है। खाद्य नियंत्रक सीपी दीपांकर ने बताया कि धान कोचियों पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही शिकंजा कसा जाएगा। ताकि वे किसानों से खरीदे गए पुराने अथवा नए धान को समितियों में न खपा सकें।

खाद्य और मंडी के अफसरों ने चलाया था अभियान

जिले में पिछले साल भी धान खरीदी के दौरान जिला प्रशासन ने बड़ी तादात में कोचियों से धान की जब्ती बनाई थी। इसके लिए खाद्य विभाग और मंडी के अफसरों की टीम बनाई गई थी। टीम ने जिले के धमधा, पाटन और दुर्ग ब्लॉक में कोचियों से लाखों क्विंटल धान की जब्ती बनाई और उनसे मंडी शुल्क की राशि भी वसूल किया था।

पंजीयन की तिथि सात दिन आगे बढ़ी

सरकार ने धान खरीदी की तिथि आगे बढ़ाने के साथ ही धान बेचने पंजीयन की तिथि को भी आगे बढ़ा दिया है। खाद्य नियंत्रक सीपी दीपांकर ने बताया कि अब समितियों में धान बेचने के लिए किसान सात नवंबर तक पंजीयन करा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित थी। उक्त तिथि तक जिले में 10 हजार से अधिक नए किसानों ने पंजीयन करा लिया था। अब यह संख्या और बढ़ सकती है।

कोचियों पर रखेंगे नजर

धान खरीदी की तिथि भले ही आगे बढ़ गई है, लेकिन विभाग की तैयारी चल रही है। धान कोचियों पर नजर रखने टीम बनाई जा रही है। कोचिये किसानों से धान की खरीदी कर समितियों में खपा सकते हैं इसे ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। - सीपी दीपांकर, खाद्य नियंत्रक दुर्ग

Posted By: Nai Dunia News Network