भिलाई। भिलाई इस्पात सयंत्र द्वारा संचालित सेक्टर - 9 अस्पताल कुप्रबंधन और सुविधा की कमी से अपनी प्रतिष्ठा खोता जा रहा है । जहां एक तरफ चिकित्सको की कमी के चलते ओपीडी और यूनिट बंद हो रहे है। वहीं सुविधाओं को समय रहते शुरू करने में भी ढिलाई बदली जा रही है । जिसके चलते न सिर्फ मरीजो को परेशानी हो रही है बल्कि बीएसपी को बेवजह मरीजों के अन्यत्र अस्पताल में रेफरल से आर्थिक हानि भी हो रही है। ऐसा ही एक मामला फिर सामने आया है। भिलाई के सेक्टर -9 अस्पताल में पेट स्कैन मशीन जो कि कैंसर जैसी घातक बीमारी की जांच के लिए जरूरी है , करीब 2 साल से इंस्टाल नही की जा सकी है । करीब 2 करोड़ रूपये में आई यह मशीन 2 साल से धूल खा रही है । जबकि इस जांच के लिए मरीजो को बाहर रेफर किया जा रहा है । जानकारों के मुताबिक यह मशीन सेक्टर- 9 अस्पताल में लगने से भिलाई वासियों को मेदांता जैसे अस्पताल वाली सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने लगेगी ।

पाट्रिान एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) स्कैन एक इमेजिंग टेस्ट सुविधा है ।जो डाक्टर को मरीज के शरीर में बीमारियों की जांच कर महत्वपूर्ण जानकारी देता है।स्कैन एक विशेष डाई का उपयोग करता है जिसमें रेडियोधर्मी ट्रेसर होते हैं। शरीर के किस हिस्से की जांच की जानी है, इस पर निर्भर करते हुए इन ट्रेसर के लिए बांह में इंजेक्शन लगाई जाती है।

अस्पताल प्रबंधन का रुख जांच मशीनों के इंस्टालेशन को लेकर हमेशा सुस्त ही रहा है। इससे पहले भी ब्लड एनेलाइजर मशीन को लगाने में देरी आई वजह से चार दिन तक खून की जांच बंद रही थी । अब भी 2 साल से अधिक समय से पेट स्कैन मशीन को इंस्टाल नहीं किया गया है । इसी तरह हास्पिटल में 2 खराब ब्लड एनालाइजर मशीन बायोकेमेस्ट्री विभाग 26 नंबर कमरे के सामने काफी समय से आने जाने के रास्ते में रखे हुए है ।

भिलाई इस्पात सयंत्र का सेक्टर - 9 अस्पताल कभी प्रदेश का प्रमुख अस्पताल हुआ करता था लेकिन लापरवाह प्रबंधन के चलते अब सेक्टर -9 से सुविधा न होने के नाम पर अब स्थानीय अस्पतालों तक में मरीजों को रेफर किया जा रहा है।

कैंसर जैसी घातक बीमारी के जांच के लिए पेट स्कैन मशीन बहुत महत्वपूर्ण साबित होती है ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारियों को शुरुआती दौर नहीं पहचानने मैं सक्षम पेट स्कैन बहुत से मामलों में जीवन रक्षक साबित होती है ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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