भिलाई। सीआइएसएफ आरक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की तह तक पहुंचने का काम दुर्ग पुलिस ने शुरू कर दिया है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान पकड़े गए चार युवकों के बाद पुलिस ने अब लिखित परीक्षा में बैठने वाले फर्जी युवकों (डमी परीक्षार्थी) की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए पुलिस की दो टीमें आगरा तथा मुरैना भेजी गई है। एसपी अभिषेक पल्लव स्वयं पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।

बता दें कि बीते गुरुवार को दुर्ग पुलिस ने सीआइएसएफ आरक्षक भर्ती में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उत्तर प्रदेश तथा मध्यप्रदेश का यह गिरोह भर्ती के लिए युवकों से डील करता था। इसके तहत आरक्षक भर्ती के लिए लिखित परीक्षा इस गैंग के युवक देते थे, उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी गैंग के दूसरे युवक शामिल होते थे।

जांच के दौरान फिंगर प्रिंट मैच न होने पर चारों युवक चंद्रशेखर सिंह, श्यामवीर सिंह, महेंद्र सिंह तथा अजीत सिंह को आगरा से पकड़ा। इनकी निशानदेही पर गैंग के मास्टर माइंड मुरैना के हरिओम दत्त व दुर्गेश सिंह को गिरफ्तार किया गया। हरिओम दत्त व दुर्गेश सिंह पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।

परीक्षा देने वाले चार युवकों की तलाश जारी

गैंग के छह लोगों के पकड़े जाने के बाद चार अन्य युवकों के नाम सामने आए हैं। जिन्होंने लिखित परीक्षा दी थी। इनका नाम सुनील पाल, राबिन सिंह, धर्मपाल तथा उदयभान बताया गया है।

दुर्ग पुलिस की दो टीमें इन चारों युवकों की तलाश में निकल चुकी हैं। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गैंग छत्तीसगढ़ में किसके संपर्क के जरिए आया। इस पूरी घटना के पीछे वास्तविक मास्टर माइंड कौन है। पुलिस को परीक्षा सेंटर में भी गड़बड़ी का संदेह है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।

दुर्ग एसपी डा. अभिषेक पल्लव ने कहा, पुलिस हर एंगल से जांच कर इस गिरोह की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। लिखित परीक्षा देने वाले चार युवकों की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें भेजी गई है। उनकी गिरफ्तारी के बाद नई जानकारी मिल सकेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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