भिलाई (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नराकास भिलाई-दुर्ग द्वारा नामित चार सदस्यीय दल द्वारा नराकास सदस्य संस्थान सेंटर फार इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (सीईटी-सेल) भिलाई में हिंदी कार्यों का निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया। इसमें राजभाषा की संस्थागत हिंदी कार्यो तथा विवरण जैसे कार्यालय में हिंदी समिति की बैठकों का नियमित आयोजन, कार्मिकों को हिंदी से संबंधित प्रतियोगिता, प्रशिक्षण कार्यशाला से अवगत कराने सहित अन्य जानकारी ली गई।

समिति द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि कार्यालय में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। कार्य जहां कठिन हो वहा द्विभाषी का उपयोग हो। सेल के तकनीकी सलाहकार संस्थान सेंटर फार इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (सीईटी) में हिंदी कार्यो का निरीक्षण एवं मूल्यांकन करने पहुंची टीम में भिलाई इस्पात संयंत्र राजभाषा विभाग के प्रभारी सहायक प्रबंधक जितेंद्र दास मानिकपुरी, राजभाषा विभाग के नीतिशा साहू, राजुल दत्ता, एफएसएनएल भिलाई के वरिष्ठ अधिकारी सीएल नागवंशी शामिल थे।

हिंदी कार्यो को सरल एवं सुलभ बनाने की दिशा में प्रतियोगिताएं एवं हिंदी कार्यशाला का आयोजन करना प्रमुख उद्देश्य था। सीईटी भिलाई के मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी अनुराग उपध्याय द्वारा मूल्यांकन समिति के सदस्यों का स्वागत किया गया। सेट भिलाई हिंदी समिति सदस्य मोहन उमरे द्वारा कार्यालय के हिंदी से संबंधित सभी फाइल, ड्राइंग, दस्तावेज, रजिस्टर, आवक-जावक पत्र पंजी सहित अन्य कागजात को समिति के समक्ष बिंदुवार प्रस्तुत किया गया।

पारमिता महान्ति ने कार्यालय में वार्षिक मापदंड अनुसार हिंदी में किये जा रहे प्रतियोगिताएं, कार्यशाला का ब्यौरा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जितेन्द्र दास मानिकपुरी ने कार्यालय में हिंदी कार्य को शत प्रतिशत स्थापित करने पर सुझाव व मार्गदशन दिया। अनुराग उपाध्याय ने कहा कि हिंदी में कार्य करना हम सबका दायित्व है। सेट भिलाई में संपन्न हिंदी कार्य का निरीक्षण एवं मुल्यांकन के दौरान सौरभ कुमार राजा, अरविंद श्रीवास्तव, पुनीत चौबे, आशीष शुक्ला, दयानंद साहू, पारमिता महान्ति, मोहन उमरे, प्रेमालता उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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