भिलाई। 23 दिसंबर को चुनावी दृश्य साफ हो जाएगा, तब तक लोगों की धड;कने तेज होगी। कौन जीतेगा, कौन हरेगा, किसकी बनेगी शहर सरकार इसकी चर्चा रहेगी। वहीं तमाम दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी इस बार दांव पर होगी। भिलाई चरोदा में मुख्यमंत्री तो रिसाली में गृहमंत्री के साथ साथ भाजपा की राष्ट्रीय नेत्री की प्रतिष्ठा भी चुनाव में लगी हुई है।

बता दें कि भिलाई चरोदा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निवास स्थान है। इस निकाय क्षेत्र के उरला वार्ड दुर्ग सांसद विजय बघेल का गृह ग्राम है। वहीं रिसाली निगम क्षेत्र बनाने का श्रेय गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को जाता है। रिसाली निगम क्षेत्र में ही राज्यसभा सदस्य सरोज पाण्डेय का भी निवास है। लिहाजा इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प होना है। भाजपा ने जिस तरह से प्रभारियों की नियुक्ति की है, उससे साफ है कि यह चुनाव बेहद जबरदस्त होने वाला है।

पार्षद ज्यादा जीते पर नहीं बन पाई कभी कांग्रेस की सरकार

0 सन 2000 में भिलाई चरोदा नगर पालिका बना। तब से लेकर आज तक यहां चार चुनाव हो चुके हैं। इस चार चुनाव में कभी कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई। जबकि 2005 से यहां कांग्रेस के पार्षद ज्यादा संख्या में जीतकर आ रहे हैं। दरअसल पालिका अध्यक्ष व महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को हार मिलती रही।

0 सन 2000 के पहले चुनाव में कांग्रेस से बागवत कर विजय बघेल निर्दलीय चुनाव जीते थे। तब यहां कांग्रेस के श्यामाचरण बघेल दूसरे नंबर पर तथा भाजपा के संपत जैन तीसरे नंबर पर रहे थे।

0 2005 में फिर इतिहास दोहराया गया। विजय बघेल के चचेरे भाई शशिकांत बघेल ने कांग्रेस प्रत्याशी विजय जैन को हराकर 320 वोट से हराकर निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कांग्रेस के पार्षद ज्यादा जीते।

0 2010 में भाजपा प्रत्याशी सीता साहू व कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमलता मढरिया के बीच सीधी ट-र हुई थी। जिसमें सीता साहू ने पांच हजार वोट से जीत दर्ज की थी। अध्यक्ष पद कांग्रेस भले हारी, पर पार्षद कांग्रेस के ज्यादा जीते।

0 2015 में भिलाई चरोदा पालिका से निगम बना। 2016 में चुनाव हुआ। सीधी ट-र में भाजपा की चंद्रकांता मांडले से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति बंजारे 42 सौ वोटों से हार गई। इस चुनाव में भी कांग्रेस के पार्षद ज्यादा जीते। इसलिए कांग्रेस को इस बार महापौर की संभावना बनती दिख रही है।

0 चूंकि भूपेश बघेल अब कांग्रेस के मुखिया हैं, लिहाजा उनकी प्रतिष्ठा इस चुनाव में लगी हुई है। इसलिए कांग्रेस यहां से ज्यादा से ज्यादा पार्षद जीताने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। कांग्रेस का पूरा फोकस मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा बचाने पर होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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