भिलाई। रावघाट रेल परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए जितना महत्वपूर्ण है उतना ही आम लोगों के आवागमन की सुविधा के लिहाज से भी अहम है। भविष्य में इसी रेल मार्ग से दुर्ग-जगदलपुर से जुड़ जाएगा। परियोजना के तहत फिलहाल रावघाट क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने का काम जारी है।

वहीं मरौदा से लेकर दल्ली राजहरा तक रेल लाइन के सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। 63 साल पुरानी इस रेल लाइन का विद्युतीकरण भी किया जा रहा है। मरौदा से बालोद तक यह काम पूरा हो गया है। इस पर विद्युत रेल इंजन दौड़ाकर ट्रायल भी कर लिया गया। गुरुवार को रेलवे के संरक्षा आयुक्त ने इसकी जांच की। बताया जा रहा है कि इस मार्ग पर भी यात्री ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाने की तैयारी है।

भिलाई इस्पात संयंत्र को रावघाट से बड़ी उम्मीद है। दल्ली राजहरा के बाद रावघाट माइंस से ही उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क का खनन होना है। यहीं से रेल मार्ग के द्वारा भिलाई इस्पात संयंत्र को आयरन ओर की सप्लाई होगी। इसके लिए दल्ली राजहरा से लेकर रावघाट तक कुल 75 किलोमीटर रेल लाइन निर्माण के परियोजना पर काम चल रहा है।

वर्तमान में दल्ली राजहरा से 42 किलोमीटर दूर केंवटी तक रेल लाइन बिछने के अलावा यात्री ट्रेन का आवागमन भी शुरू कर दिया गया है। वहीं 53 किलोमीटर लाइन बिछाने का काम प्रगति पर है।

-जांच के बाद परिचालन

इधर दल्ली राजहरा तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल द्वारा अधोसंरचना विकास से जुड़े कई कार्य वर्तमान में किए जा रहे हैं। जिससे भविष्य की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके। इसी के तहत मरौदा से बालोद रेलवे स्टेशन तक 61.2 ट्रैक किलोमीटर रेल लाइन का विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है।

रेल लाइन का विद्युतीकरण होने के बाद आयुक्त रेलवे संरक्षा द्वारा निरीक्षण किया जाता है एवं उनकी अनुमति के बाद ही रेल लाइनों पर ट्रेनों का विद्युतीकरण के माध्यम से परिचालन किया जाता है।

-हर पहलुओं को देखा

रेलवे के संरक्षा आयुक्त दक्षिण पूर्व सर्कल एएम चौधरी द्वारा सफलतापूर्वक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्युतीकरण माध्यम से ट्रेनों के परिचालन संबंधित पहलुओं का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक जानकारी ली। आयुक्त चौधरी ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विद्युत रेल इंजन वाले ट्रेन को दौड़कर स्पीड ट्रायल लिया।

यह होगा फायदा

मरौदा-बालोद के मध्य विद्युतीकरण हो जाने से यहां के यात्रियों को शीघ्र ही विद्युत रेल इंजन वाले ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में इस लाइन पर डीजल इंजन वाले ट्रेन संचालित हैं। विद्युत रेल इंजन से पर्यावरण संरक्षण को बढावा मिलेगा एवं प्रदूषण में कमी आएगी। यह रायपुर रेल मंडल की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मरौदा-बालोद स्टेशन दुर्ग-दल्लीराजहरा सेक्शन का महत्वपूर्ण स्टेशन है।

आज निरीक्षण के दौरान संरक्षा आयुक्त के साथ मंडल रेल प्रबंधक रायपुर श्याम सुंदर गुप्ता सहित रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, बिलासपुर मुख्यालय के प्रधान मुख्य विधुत इंजीनियर एवं अन्य रेल उपक्रमो के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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