दुर्ग। 138 बच्चों के स्कूल में दो शिक्षकों पर शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी है। इसका हल खोजने के लिए मंगलवार को शाला प्रबंधक अध्यक्ष जनदर्शन पहुंचे थे। यह आवेदन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिलतरा का था जहां विद्यार्थियों के अनुपात के अनुरूप व विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने अपने आवेदन के माध्यम से बताया है कि इस विद्यालय में गणित का कोई भी शिक्षक पिछले सात वर्षों से उपलब्ध नहीं है।

जिसकी उन्होंने पूर्व में भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर सूचना दी थी। इस आवेदन पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नवागांव से गणित का शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए आदेश भी पारित किया गया था परंतु वर्तमान तक कोई व्यवस्था स्कूल के बच्चों के हित के लिए नहीं हो पाई है।

कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए तुरंत इसे जिला शिक्षा अधिकारी की ओर प्रेषित किया। निजी स्कलों की मनमानियों को लेकर भी जनदर्शन में एक आवेदन पहुंचा थाष जिसमें स्काई इंटरनेशनल स्कूल धमधा लगातार एक आवेदक को स्थानांतरण प्रमाण पत्र के लिए भटका रहा है।

आवेदक के कथनानुसार उनका बच्चा स्काई स्कूल में अध्यन कर रहा था और इस वर्ष उनके द्वारा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन दिया गया था। जिसमें चयन सूची में उनके बच्चे का नाम आ गया, परंतु स्कूल द्वारा स्थानांतरण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए जाने के चलते उनके बच्चे का प्रवेश नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि उनके द्वारा 86 हजार 670 रुपये की राशि स्कूल में जमा कर दी गई है। जिसके बाद भी उन्हें स्कूल प्रबंधन द्वारा घंटों बैठाकर स्थानांतरण प्रमाण पत्र प्रदान नहीं किया जा रहा है और स्कूल द्वारा उसी संस्थान में पढ़ाई के लिए बाधित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

कलेक्टर ने आवेदन को जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित किया और तुरंत ट्रांसफर सर्टिफिकेट अभिभावक को दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी और गौसेवा संघ भी अपना आवेदन लेकर कलेक्टर के समक्ष्‌ पहुंचे थे जिसमें उन्होंने अनुरोध किया था कि सड़क में स्थित मवेशी गौ-माता और नंदी के लिए गोठानों में आपात कालीन स्थिति के लिए पशु चिकित्सकों की व्यवस्था की जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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