भिलाई । कुम्हारी से सुपेला के बीच चार फ्लाई ओवर के निर्माण को करीब तीन साल का समय पूरा हो चुका है। हालांकि निर्माण कार्य की अवधि पूरी होने में समय है। ठेका कंपनी को चारों फ्लाई ओवर को जनवरी 2023 तक पूरा करना है। लेकिन, काम की रफ्तार को देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि चारों फ्लाई ओवर निर्धारित समय में पूर्ण हो सकेंगे। सबसे ज्यादा देरी डबरापारा तिराहा पर बन रहे फ्लाई ओवर को पूर्ण में होने में लग सकता है। क्योंकि अभी तक यहां पर सिर्फ खुर्सीपार की तरफ का ही पिलर बन सका है। भिलाई-3 की तरफ तो काम भी शुरू नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है बीते 10 सितंबर 2018 को जंजगिरी में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चारों फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया था। फ्लाई ओवर के लिए केंद्र सरकार ने 350 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। फ्लाई ओवर निर्माण का ठेका रायल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मिला है। काम की शुरुआत करने में ठेका कंपनी को थोड़ा वक्त लगा। पिलर बनाने के बाद गर्डर लांचिग की गई और उसके बाद काम में तेजी आई है। वर्तमान स्थिति में केवल कुम्हारी चौक पर बन रहा फ्लाई ओवर ही पूर्ण होने की स्थिति में है। बाकी सुपेला से लेकर चंद्रा-मौर्या चौक और पावर हाउस चौक के फ्लाई ओवर वर्ष 2022 के आखिर तक पूर्ण होने की संभावना है। सबसे ज्यादा समय डबरापारा के फ्लाई ओवर को बनाने में लग सकता है। क्योंकि इस फ्लाई ओवर का अभी सिर्फ एक तरफ का ही काम शुरू हो सका है।

फ्लाई ओवर निर्माण के चलते सर्विस लेन पर पूरे ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। लेकिन, भारी वाहनों के दबाव और बारिश के चलते सर्विस लेन भी जर्जर हो गया है। जर्जर सड़क के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। जिसके चलते जाम की स्थिति बन रही है। सबसे ज्यादा कुम्हारी चौक, डबरापारा और पावर हाउस चौक के पास जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इसके अलावा जर्जर सड़क के चलते लोग हादसे का भी शिकार हो रहे हैं। चार दिन पहले डीएमसी कुम्हारी के पास बाइक सवार एक परिवार हादसे का शिकार हो गया था। जिसमें एक 11 साल के बच्चे की मौत भी हुई थी।

फ्लाई ओवर निर्माण के पहले प्रशासन ने कोई डायवर्शन प्लान नहीं बनाया। भारी वाहनों और हल्के वाहनों के जाने का वैकल्पिक रूट नहीं तलाश किया। जिसके कारण जब तक सड़क ठीक थी, तब तक ट्रैफिक की रफ्तार में थोड़ा फर्क पड़ा था। लेकिन, अब जब सड़क जर्जर हो गई है। तब जाम लग रहे हैं और हादसे हो रहे हैं। अभी स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने डायवर्शन प्लान तैयार किया है। लेकिन, उससे भी बहुत ज्यादा राहत नहीं मिल सका है। यदि समय रहते डायवर्शन प्लान तैयार किया जाता और उसके बाद काम शुरू किया जाता तो लोगों को इतनी ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।

कुम्हारी चौक के फ्लाई ओवर पर नवंबर से हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। दिसंबर से 2022 तक ये पूरी तरह से तैयार हो सकता है।

चंद्रा-मौर्या चौक से सुपेला चौक के बीच बन रहे फ्लाई ओवर के जून 2022 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। अभी सुपेला चौक के बीच का गर्डर लांचिंग का काम किया जा रहा है।

पावर हाउस चौक के फ्लाई ओवर के नवंबर 2022 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। अभी चौक के बीच के हिस्से का काम शुरू नहीं हो सका है।

डबरापारा तिराहा का फ्लाई ओवर सबसे धीमी गति से बन रहा है। यहां का काम वर्ष 2023 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है। ठेका कंपनी इसी ब्रिज को निर्धारित समय में पूरा नहीं कर पाएगी।

बी श्रीनिवास राव, ईई एनएचएआइ ने कहा किअभी बारिश के चलते जर्जर सड़क का डामरीकरण नहीं किया जा पा रहा है। अभी गड्ढों में गिट्टी डालकर काम चलाया जा रहा है। काम को तेजी से करने के लिए लगातार मानीटरिंग की जा रही है। कुम्हारी का ब्रिज तो नवंबर में चालू हो जाएगा। चंद्रा-मौर्या से सुपेला चौक और पावर हाउस चौक के ब्रिज को भी जून 2022 तक पूर्ण करने की कोशिश की जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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