भिलाई। पाश कालोनियों में पर्याप्त सुविधा मिल ही जाती है, पर बस्तियों में विकास कार्य को लेकर निगम प्रशासन हमेशा कंजूसी बरतता है। रिसाली बस्ती इसमें से एक है। जहां मूलभूत सुविधाओं का बेहद अभाव है।

नईदुनिया टीम ने वार्ड परिक्रमा के 31 वें चरण भिलाई चरोदा निगम के वार्ड 31 उरला, रिसाली निगम के वार्ड 31 शहीद किरण देशमुख वार्ड की पड़ताल की।

उरला में दो वार्ड है। एक में भाजपा के पार्षद है तो दूसरे में निर्दलीय। विकास दोनों में हुआ है, पर अधूरे पीएम आवास परेशानी का कारण बन गए हैं। इसके लिए फंड रिलीज नहीं किया जा रहा है। पार्षद निगम दफ्तर के तो लोग पार्षदों के चक्कर काट रहे हैं।

रिसाली निगम का शहीद किरण देशमुख वार्ड मूलभूत सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा हुआ है। सड़क, नाली, पानी, साफ सफाई हर तरफ समस्या ही समस्या हैं। भिलाई नगर निगम के समय यह वार्ड हमेशा ठगा गया। अब विकास का जिम्मा नए रिसाली निगम पर है। रिसाली निगम प्रशासन कहता है कि इस वार्ड के विकास को प्राथमिकता में रखा गया है।

नगर निगम भिलाई वार्ड उरला

-नए वार्ड परिसीमन में यह वार्ड थोड़ा बहुत प्रभावित है।

-उरला में दो वार्ड है। एक वार्ड का पूरा का पूरा हिस्सा देवबलौद में है। उरला में सिर्फ 100 वोटर ही है। उरला के लोग न तो देवबलौद के रह गए हैं, न देवबलौद के लोग उरला के। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन के पास आपत्ति भी दर्ज की थी, कि उरला में दो सामान वार्ड बना दिए जाए, पर ऐसा हो नहीं पाया।

-यह वार्ड सांसद विजय बघेल का गांव है। यहां भारतीय जनता पार्टी का खासा प्रभाव है।

-वार्ड आरक्षण में उरला का वार्ड 30 अनारक्षित किया गया है वहीं वार्ड 31 एससी महिला के लिए आरक्षित है।

-वार्ड 30 की आबादी चार हजार तथा मतदाता संख्या 29 सौ है, वहीं वार्ड 31 की आबादी चार हजार व मतदाता संख्या तीन हजार है। यहां के मतदाता उरला व देवबलौद दो हिस्सों में बंटे हुए हैं।

-वार्ड 30 के पार्षद भाजपा के रोहित कुमार साहू है, तो वार्ड 31 के पार्षद राम कुमार सूर्यवंशी है।

वार्ड एक नजर में..

-उरला वार्ड मुंबई हावड़ा के किनारे बसा हुआ पुराना गांव है।

-इस गांव ने विजय बघेल व शशिकांत बघेल के रूप में लगातार दो-दो पालिका अध्यक्ष दिए हैं।

-गांव कबड्डी खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है।

-पशु चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र, सीसी रोड, सीसी नाली, उद्यान, ओपन जिम, बोरिंग, पाइप लाइन का विस्तारीकरण सब हुआ है।

-यहां पानी की भी ज्यादा समस्या नहीं है, पर सबसे बड़ी समस्या अधूरे पीएम आवास को लेकर है। 40 आवास निर्माणाधीन है। जिनका तीन-तीन किस्त छह महीने से बचा हुआ है।

--

शहीद किरण देशमुख वार्ड रिसाली

-वार्ड परिसीमन में यह वार्ड प्रभावित हुआ है।

-इस वार्ड की आबादी पांच हजार तथा मतदाता संख्या 37 सौ है।

-वार्ड में दलीय स्थिति का आंकलन चुनाव के बाद संभव हो पाएगा।

-वार्ड आरक्षण में इस वार्ड को अनारक्षित किया गया है।

--

वार्ड एक नजर में...

-वार्ड शहीद किरण देशमुख के नाम पर रखा गया है। शहीद किरण देशमुख 2013 में दंतेवाड़ा में नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

- वार्ड सघन बस्ती वाला वार्ड है।

-वार्ड में पानी की समस्या बारहों महीने रहती है।

-हालांकि इस वार्ड में महिला भवन, मंच संधारण, मुंडन शेड, सीसी रोड, सीसी नाली, सुलभ शौचालय बनवाया गया है। वार्ड में सीसी नाली व सीसी सड़का का काम बहुत बाकी है।

-वार्ड की चार बड़ी समस्या हैं, पानी की दिक्कत, मुख्य नहर में हमेशा गंदा पानी भरा रहना, यहां के ज्यादातर घर साडा के समय के बने हुए हैं, अब सारे घर नीचे व नालियां ऊपर हो गई है। जिसकी वजह से बारिश में नाली का पानी लोगों के घरों में घुसता है।

--

क्या कहते हैं पार्षद

-विकास के कार्य तो हुए हैं। और भी किया जा रहा है। बड़ी दिक्कत पीएम आवास का फंड नहीं मिलना है।

रोहित कुमार साहू, पार्षद वार्ड 30 उरला

-जितने प्रस्ताव बनाये गये थे, उसमें से आधे काम हो चुके है। बाकी के लिए प्रयास जारी है।

रामकुमार सूर्यवंशी, पार्षद वार्ड 31 उरला

---

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags