भिलाई। Water Conservation: रायपुर व भिलाई में तेजी से जल स्तर नीचे जा रहा है। तमाम कवायद का भी असर नहीं हो रहा है। लिहाजा रायपुर नगर निगम ने अब 15 के साथ-साथ नौ सौ वर्गफीट वाले घरों में यह सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। भिलाई में भी यह मांग उठने लगी है।

बता दें कि बीते मंगलवार को रायपुर नगर निगम ने एक बड़ा निर्णय लिया है। रायपुर में नौ सौ वर्गफीट वाले पुराने व नए मकानों में भी अब वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि इससे रायपुर का जल स्तर काफी बढ़ जाएगा, हालांकि यह एक संभावना है, पर यह इस संभावना को काफी असरकारक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब तक ये था नियम

छत्तीसगढ़ के सभी निकायों में 15 सौ वर्गफीट से ज्यादा वाले मकानों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य था। इसके लिए भवन अनुज्ञा जारी करने के पूर्व रैन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 12 हजार रुपये सुरक्षा निधि जमा कराया जाता है। मकान व रैन वाटर हार्वेस्टिंग बन जाने के बाद भवन पूर्णता प्रमाण पत्र के साथ सुरक्षा निधि के तौर पर जमा 12 हजार रुपये वापस कर दिया जाता है।

जिले में भी नौ सौ वर्गफीट की अनिवार्यता लागू करने की मांग

भिलाई-चरोदा निगम के पूर्व एल्डरमैन केके वर्मा, अवधेश यादव, रोहित शर्मा, मनीष सिंह आदि ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दुर्ग जिले के सभी निकायों में भी नौ सौ वर्गफीट वाले मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाए।

हमने कलेक्टर को पत्र लिखा है। नौ सौ वर्गफीट वाले मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू करने का काफी लाभकारी परिणाम निकल सकता है।

-केके वर्मा, पूर्व एल्डरमैन, नगर निगम भिलाई-चरोदा

Posted By: Nai Dunia News Network

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