बीजापुर। छग जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी सिलगेर पहुंचे सात माह से आंदोलनरत मूलवासी मंच के ग्रामीणों से मिलकर चर्चा की। अमित जोगी ने सिलगेर के लोगों को न्याय दिलाने की बात की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायक विधानसभा में इस पर काम रोको प्रस्ताव लाएगी। सात महिने से सिलगेर में ग्रामीण न्याय की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन राज्य की की भूपेश सरकार का इस ध्यान नहीं है।

उप्र के लखीमपुर की घटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री जा सकते है, सिलगेर आने में क्या तकलीफ है। अपने राज्य के लोगों का दुःख दर्द सुने। अमित जोगी ने कहा कि ग्राम सभा को मजबूत बनाए और ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर ग्राम का विकास का खाका तैयार करें। ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव ही मान्य है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार की प्रस्ताव से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। ग्राम सभा में अमित जोगी ने कहां पांचवीं अनुसूची के तहत ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर कैंप को हटाए।

इसके साथ कहा कि बगैर प्रस्ताव के केंद्र व सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में कोई काम नही कर सकती है। पत्रकारों से चर्चा में जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सिलगेर की घटना में मारे गए परिवार को एक-एक करोड़ मुआवजा, घायलों को 50-50 लाख, दस एकड़ भूमि और परिवार के सदस्य को नौकरी सरकार दें।

सुकमा जिले के गांव से बीजापुर को परहेज क्यों

जोगी कांग्रेस के मुखिया अमित जोगी का कहना है कि सिलगेर सुकमा जिले का गांव है, बीजापुर पुलिस द्वारा कार्रवाई करना ये न्याय संगत नहीं है। मामला सुकमा जिले का होता हुए बीजापुर प्रशासन की एक तरफा कार्रवाई समझ से परे है, पुलिस निर्दोष आदिवासियों पर कार्रवाई करना बंद करें, नक्सली मामले में बंदी को रिहा करें। जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि बस्तर में निर्दोष आदिवासियों पर कार्रवाई करना बंद करें।

पुलिस ग्रामीणों को नक्सली बताकर जेल में बंद करने पर आमादा है। जो निर्दोष आदिवासियों जेल में बंद है, उनकी रिहाई करें। पेशा कानून की वकालत करते हुए कहा कि प्रदेश में यह कानून लागू हो चाहिए, आदिवासियों को न्याय मिलेगा। अमित जोगी ने कहा कि क्षेत्र का विकास का खाका ग्राम सभा में तैयार करें। ग्रामीण आदिवासियों ग्राम सभा में जो प्रस्ताव पारित किए है, उसे सरकार को मानने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सांसद, विधायक, सरपंच के प्रस्ताव से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

सिलगेरवासियों की मांग

चौड़ी सड़क नही चाहिए। गांव से सीआरपीएफ कैंप हटाया जाए। निर्दोष आदिवासियों को जेल से रिहाई, गांव के पढ़ने वाले बच्चों को नक्सली बताकर जेल भेजना बंद करें। गांव के जल जंगल जमीन के हक न छीना जाए। गांव में खेती बाड़ी करने वाले को तंग करना बंद करें। जोगी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सकनी चंद्रैया ने गोंड़ी में मूलवासी मंच को संबोधित करते हुए कहा कि सिलगेर में सात माह से चल रही आंदोलन पर सरकार का रवैया दोहरापन है। प्रदेश सरकार सिलगेर के लोगों के साथ न्याय करें।

उन्होंने कहा कि जो मुआवजा राशि दें, ग्राम सभा को मजबूत बना कर गांव का विकास होना चाहिए। अमित जोगी के सिलगेर प्रवास पर साथ में जिलाध्यक्ष सकनी चंद्रैया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जमूना सकनी, नवनीत चांद, टंकेश्वर भारद्वाज, सुजीत कर्मा, गुड्डू कोरसा, अमित पांडे व रोशन झाड़ी साथ रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local