बीजापुर नईदुनिया प्रतिनिधि

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने गोंडवाना समन्वय समिति जिला मुख्यालय में महासभा का आयोजन करेगी। बुधवार को यहां समिति द्वारा बुलाई गई समाजिक बैठक अगले साल दस फरवरी को भूमकाल दिवस के दिन महासभा बुलाई गई है। समिति की बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि बस्तर संभाग आदिवासी बहुल इलाका है। गोंड समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं को अक्षुण्य रखनें की जरूरत है। वर्तमान युग में कम्प्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट का उपयोग बढ़ने से लोगो के पास न तो खुद के लिए समय है न ही अपने समाज के लिए। गोंड समाज के लोग अपने पारम्परिक रिवाजों को धीरे-धीरे भूलते चले जा रहे है। जो हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए घातक होगा। हम सब को मिलकर अपने समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों का अनुशरण करते रहना होगा। महासभा संभागीय स्तर की होगी लेकिन इसमें तेलंगाना, आंध्रपदेश और महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से भी प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक को संभागीय अध्यक्ष कमलकांत सोरी, डॉ कमल कनकुरी, तेलम बोरैया, अमित कोरसा, कामेश्वर दुब्बा, सुशील हेमला, शंकर कुडियम, लक्ष्मण कडती, सुखमति हपका, अशोक तलांडी आदि ने भी अपने विचार रखे।