बीजापुर। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के मार्गदर्शन में जिले में स्ट्रीट चिल्ड्रन, बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृति में लिप्त बच्चों के रेक्यू एवं पुनर्वास के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेंद्र महिनाग द्वारा इस अभियान की क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस अभियान के तहत ऐसे बच्चे जो बिना किसी सहारे सड़कों पर रहते है और रात में निकट की झुग्गी झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले अपने परिवारों के पास वापस आ जाते है।

ऐसी श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तर जीविका भोजन, वस्त्र आश्रय एवं संरक्षण के लिए प्रतिदिन विभिन्ना प्रकार संघर्षों एवं चुनौतियों का सामना करते है। उन बच्चों का चि-ांकन कर उनका संरक्षण प्रदान करने शिक्षा एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने उनके परिवारों को शासन की विभिन्नाा योजनाओं का लाभ दिलाते हुए उनके प्रशिक्षण एवं उनके रोजगार की व्यवस्था के लिए विभिन्ना विभाग के समन्वय से कार्य योजना अनुसार 25 दिसंबर से 25 जनवरी तक अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान अंतर्गत सड़क में रहने, अपशिष्ट संग्राहक, बाल भिक्षावृति, भटके हुए बच्चों को चिह्नांकन के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। इस पर रेस्क्यू टीम द्वारा जिले में सतत रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। ताकि कोई भी ऐसे बच्चों का चिह्नांकन होने की दशा पर तत्काल उस पर पुनर्वास की प्रक्रिया किया जाए। सड़क में रहने वाले बच्चों के रेस्क्यू के लिए जिला बाल संरक्षण इकाइ के टीम द्वारा 13 जनवरी को जिला बीजापुर के अंतर्गत ब्लाक उसूर के ग्राम पंचायत मुरकीनार, आवापल्ली, उसूर एवं मुरदंडा में सड़क पर रहने वाले बच्चे, बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृति में लिप्त बच्चों के रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

इसमें जिला बाल संरक्षण ईकाई, पुलिस विभाग एवं श्रम विभाग के टीम से नवीन मिश्रा संस्थागत देखरेख अधिकारी, आनंदमई मल्लिक विधिक सह परीविक्षा अधिकारी, राजकुमार सामाजिक कार्यकता, मुकेश बघेल श्रम निरीक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा इस अभियान का क्रियान्वयन किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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