बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का बीजापुर जिला लाल आतंक (नक्सलवाद) के लिए कुख्यात है। नक्सली फोर्स को निशाना बनाने के लिए आए दिन आइईडी ब्लास्ट करते रहे हैं। इसी बारूदी सुरंगों की सरजमीं के लोगों को देश-दुनिया के साथ मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने एक ओवन थियेटर बनाया है। इसका नव वर्ष के मौके पर बुधवार को उद्धाटन होगा। इस ओपन थियेटर में रोज विकासपरक और देशभक्तिपूर्ण फिल्में दिखाई जाएंगी। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार योजनाओं की जानकारी भी टेलीफिल्म और डॉक्यूमेंट्री माध्यम से दी जाएगी।

एसपी दिव्यांग पटेल के अनुसार इसका उद्देश्य लोगों को नक्सलवाद से दूर रखना और स्थानीय हकीकत से रूबरू कराना है। यह ओपन थियेटर तर्रेम मार्ग पर सारकेगुड़ा के पास स्थित सीआरपीएफ कैंप के ठीक सामने बनाया गया है। यहां यह बताना भी लाजिमी होगा कि इस जिले में एक भी थियेटर या टॉकीज नहीं है।

चर्चा में रहा सारकेगुड़ा

यह पूरा इलाका नक्सलियों के आतंक के नाम पर पहचाना जाता है। एक कथित मुठभेड़ में 17 लोगों की मौत के बाद सारकेगुड़ा काफी चर्चा में आया था। इसके बाद बासागुड़ा को जगरगुंडा से जोड़ने के लिए पक्की सड़क का निर्माण भी शुरू किया गया है। इस दौरान जवानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

माड़ में सफल रहा है प्रयोग

बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्कूलों में पढ़ाने से लेकर ग्रामीणों के लिए हैल्थ कैंप लगाने, उनके सामग्री बांटने जैसे कई काम फोर्स कर रही है। दो साल पहले नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके के बासिंग में ऐसा ही एक थियेटर खोला गया था। इस थियेटर से ग्रामीणों को बाहरी दुनिया को समझने का मौका मिला।

Posted By: Sandeep Chourey

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