गणेश मिश्रा, बीजापुर। जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके आवापल्ली में एक अनूठी क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह एक ऐसा आयोजन था, जहां मैच के दौरान चौके-छक्के लगने पर तालियों और हूटिंग के शोर से ज्यादा दर्शकों की भावनाएं उमड़ती- घुमड़ती रहीं। युवाओं के समूह ने अंतरराज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन दिवंगत मित्र की याद में किया था। दर्शक यहां एक क्रिकेटर और अपने गांव के दुलारे बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उमड़े। मैच के दौरान लोगों की आंखें नम रहीं। भावनाओं से ओतप्रोत यह प्रतियोगिता ऐसे इलाके में हुई जो नक्सली हिंसा के लिए बदनाम है। आवापल्ली स्टार क्रिक्रेट क्लब के क्रिकेटर सुरेंद्र पुनेम (27) वन विभाग में पदस्थ थे। इसी साल 31 जनवरी को पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।

इस सदमे में डूबे साथी क्रिकेटरों ने उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए बड़े आयोजन की तैयारी की। करीब 15 दोस्तों ने मिलकर आयोजन की रूपरेखा तैयार की। आपस में ही करीब तीन लाख रुपये की पुरस्कार की राशि भी एकत्र की। आयोजन के संयोजक रामकृष्णा पंदेनपल्ली बताते हैं कि सुरेंद्र न सिर्फ अच्छे क्रिकेटर थे बल्कि बेहद अच्छे इंसान भी थे। वे हमेशा लोगों की मदद को तत्पर रहते थे। यहां नक्सलगढ़ में चौके-छक्के तो वर्षों से लग रहे हैं, पर इस बार आयोजन में भावनाओं को काबू में रखना मुश्किल था। पिछले ही महीने सुरेंद्र की मौत हुई है। उनके नाम पर आयोजन होने से गांव में भावनाओं का उफान उमड़ पड़ा। आसपास के गांवों से भी हर मैच देखने के लिए हजारों दर्शक पहुंचे। समापन समारोह में जब सुरेंद्र को श्रृद्धांजलि दी जा रही थी, तो सभी की आंखें डबडबा गई थीं।

36 टीमों ने भाग लिया

सुरेंद्र के साथी क्रिकेटरों मुकेश शर्मा, जी. नारायण, पोंदी वेंकटेश्वर, लक्ष्मण, जीबी सत्यम, अनिल झाड़ी, रोहित, दिनेश, विनय रेड्डी, रामप्रसाद, रूपेश राव, सतीश, निलेश, गौतम, भुनेश्वर और केजी संतोष रेड्डी ने मिलकर आयोजन का बीड़ा उठाया। 18 से 27 फरवरी तक यह अंतरराज्यीय क्रिकेट स्पर्धा हुई, जिसमें 36 टीमों ने भाग लिया। विजेता टीम को संतोष पुनेम की स्मृति में एक लाख और उपविजेता को 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया।

एकतरफा रहा फाइनल मुकाबला

फाइनल मुकाबला गुरुवार को साइनाइड जगदलपुर और चिकटराज क्रिकेट क्लब बीजापुर के बीच खेला गया। इसमें बीजापुर की टीम चैंपियन बनी। टॉस जीतकर चिकटराज टीम ने क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया। जगदलपुर की टीम निर्धारित 15 ओवर में नौ विकेट खोकर 109 रन ही बना पाई। लक्ष्य का पीछा करने को उतरी चिकटराज की टीम ने अपने बल्लेबाज बिट्टू के 19 गेंदों में बनाए गए धुंआधार 44 रनों की मदद से 12 ओवरों में ही 6 विकेट खोकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।

Posted By: Prashant Pandey

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