बीजापुर। Coronavirus Bijapur Update : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लॉकडाउन के बीच गांव लौटने की लंबी पदयात्रा के दौरान एक मजदूर की 12 साल की लड़की की तबीयत जंगल में बिगड़ गई। उल्टी-दस्त से बेहाल किशोरी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया लेकिन परिजन किसी चमत्कार होने की उम्मीद में शव कंधे पर लेकर आठ किमी पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे। उसूर के ब्लाक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. मनीष उपाध्याय ने बताया कि अभी तक मैने उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं देखी है, लेकिन ऐसा लगता है कि या तो थकावट, इलेक्ट्रोलाइट की कमी या फिर डिहाइड्रेशन के कारण उसकी मृत्यु हुई है। परिवार लगातार सफर कर रहा था और तेज गर्मी व पानी की कमी से बच्ची की तबीयत बिगड़ी और फिर उसकी मौत हो गई।

गंगालूर गांव के कुछ ग्रामीण मिर्च तोड़ने तेलंगाना गए थे। लॉकडाउन में वहीं फंस गए थे। लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया तो वह पैदल ही बीजापुर के लिए चल पड़े। जंगल और पहाड़ी के रास्ते चलने के दौरान गर्मी के चलते जमलो मड़कामी नामक किशोरी की तबीयत खराब हो गई और उसकी मौत हो गई।

परिजन उसका शव कंधे पर लेकर आठ किमी दूर मोदकपाल हेल्थ सेंटर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से छत्तीसगढ़ के 11 लोग तेलंगाना में फंस गए थे। जिसके बाद उन्होंने पैदल ही वहां से बीजापुर में अपने पैतृक निवास लौटने का फैसला किया। इस दौरान उनके साथ एक 12 साल की लड़की भी थी। जिसकी 18 अप्रैल को मौत हो गई।

Posted By: Himanshu Sharma

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