बिलासपुर। आजादी के 75 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में देशभर में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद 100 कैदियों की सजा माफ कर रिहा किया गया है। दो कैदी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रहने वाले हैं। कुछ 486 कैदियों को रिहा करने के लिए प्रस्ताव बनाया गया था। नेशनल लीगल सर्विस अथारिटी ने आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर अच्छे आचरण वाले कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया है।

इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह सोरी ने 22 जुलाई को सेंट्रल जेल प्रबंधन से कैदियों की जानकारी मंगाई थी। इसके लिए अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी बनाई गई। जेल में बंद कैदियों के बारे में समीक्षा की गई। इसमें करीब 486 कैदियों का चयन किया गया। इसके लिए 16 प्रकार श्रेणी तय की गई। इसके अंतर्गत आने वाले कैदियों को ही रिहा करने आदेश मिला। जांच पड़ताल करने के बाद जेल से रिहा करने के लिए 100 कैदियों की पहचान की गई। अभी तक चयनित कैदियों को जेल से रिहा कर दिया है। अब वे अपने घर में परिवार के साथ रहेंगे।

सजा का अधिकांश समय काट चुके थे कैदी

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अच्छे आचरण, उम्रदराज और गंभीर बीमारियों से पीड़ित 100 कैदियों को जेल से रिहा किया गया। कई कैदियों की उम्र अधिक हो गई थे। वे सजा का अधिकांश समय काट चुके थे। उन कैदियों को भी चिन्हांकन किया गया है जिनका आचरण जेल में अच्छा था। जेल में रहते हुए इन कैदियों ने अपने व्यवहार में परिवर्तन कर लिया है। सामाज के बीच बेहतर तरीके से रह सकते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

नेशनल लीगल सर्विस अथारिटी के निर्देश पर कैदियों की सूची बनाई गई। शासन के नियम के तहत शामिल होने वाले 100 कैदियों को रिहा किया गया है। इसकी जानकारी शासन को भेज दी गई है।

राकेश सिंह सोर, जिला विधिक प्राधिकरण सचिव

Posted By: Abrak Akrosh

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